Iran Israel War: सीजफायर खत्म होने से पहले ईरान की दो टूक- बातचीत में कोई सफलता नहीं मिलेगी, अमेरिका-इजरायल को हमने मुंहतोड़ जवाब दिया

ईरानी राजदूत काजेम जलाली ने एक इंटरव्यू में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रंप को कूटनीतिक माध्यमों से उतनी भी सफलता नहीं मिलेगी, जितनी उसे युद्ध के मैदान में मिली थी।

Irans envoy attack trump
सीजफायर खत्म होने से पहले ईरान की US दो टूक | Image: ANI

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता फिलहाल ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। अमेरिका की शर्तों के साथ बातचीत के लिए ईरान ने साफ इनकार कर दिया है। ईरान को मनाने के लिए पाकिस्तान के पूरा जोर लगा रहा है, मगर फिलहाल ये संभव होता नजर नहीं आ रहा है। अब रूस में ईरान के राजदूत, काजेम जलाली ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका और इजरायल दोनों ही ईरान के खिलाफ हालिया संघर्षों के दौरान अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहे।

ईरानी राजदूत काजेम जलाली ने एक इंटरव्यू में अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्रंप को कूटनीतिक माध्यमों से उतनी भी सफलता नहीं मिलेगी, जितनी उसे युद्ध के मैदान में मिली थी। ट्रंप पर तंज कसते हुए जलाली ने कहा कि युद्ध शुरु होने से पहले अमेरिका दावा कर रहा कुछ ही दिनों में पूरे ईरान पर कब्जा कर लेंगे और सत्ता परिवर्तन कर देंगे। क्या ये संभव हो पाया? "

ईरानी राजदूत की ट्रंप को चेतावनी

ट्रंप की रणनीति पर सवाल उठाते हुए काजेम जलाली ने कहा, इस युद्ध से अमेरिका ने क्या हासिल किया? जवाब है कुछ भी नहीं। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले नाकाम रहे हैं। राजनयिक ने आगे कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष आगे बढ़ा, अमेरिका की मांगें काफी बदल गईं। वे पूरी तरह से राजनीतिक उथल-पुथल से हटकर समुद्री हितों तक सीमित हो गईं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, जलाली ने कहा, "शुरुआत में वे सत्ता परिवर्तन चाहते थे, लेकिन वे उस मुकाम पर पहुंच गए जहाँ वे सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना चाहते थे। इसमें भी वे नाकाम रहे।"

काजेम जलाली ने कहा ईरान एकजुट है

काजेम जलाली ने नौसैनिक नाकेबंदी की प्रभावशीलता को खारिज करते हुए कहा कि तेहरान के आगे की कार्रवाई के लिए दृढ़ संकल्प के सामने ऐसे उपायों का कोई मतलब नहीं है। संघर्ष के इस दौर ने ईरान के संकल्प को कमजोर करने के बजाय उसे और मजबूत किया है। क्योंकि युद्ध की पूरी अवधि के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों ने वर्तमान के सबसे अहंकारी लोगों के खिलाफ डटकर मुकाबला किया।

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ईरान अपनी शर्तों पर कायम

ईरान के न्यायिक प्रमुख, गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई ने भी दावा किया है कि ईरानी राष्ट्र हालिया बाहरी आक्रमण के खिलाफ एक एकजुट मोर्चे के रूप में खड़ा रहा। ईरानी सरकारी मीडिया ISNA के अनुसार, उन्होंने कहा कि देश ने अपनी मुख्य मांगों के संबंध में अमेरिका को कोई रियायत नहीं दी है। एजेई ने संघर्ष के दौरान राष्ट्रीय एकजुटता की अभूतपूर्व प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे देश ने आक्रमणकारियों को खदेड़ने के लिए एक साथ मिलकर काम किया।

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Published By :
Rupam Kumari
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