'हम भारत के खिलाफ युद्ध में उतरेंगे', सिंधु जल संधि को लेकर छटपटाने लगा पाकिस्तान, ख्वाजा आसिफ ने दी गीदड़भभकी; जानिए क्यों लगी मिर्ची

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को एक नई सैन्य चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा से समझौता किया गया, तो इस्लामाबाद युद्ध के लिए तैयार है।

Pak Defence Minister Khwaja Asif | Image: ANI

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को एक नई सैन्य चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा से समझौता किया गया, तो इस्लामाबाद युद्ध के लिए तैयार है।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान पानी के गंभीर और बढ़ते संकट का सामना कर रहा है। तनाव तब और बढ़ गया था जब लगभग एक साल पहले नई दिल्ली ने ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को रोक दिया था। भारत का यह फैसला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले के बाद आया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी।

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?

ARY न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में, आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान पानी को अपनी रक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा मानता है और किसी भी संभावित खतरे का कड़ा जवाब देगा। आसिफ ने कहा, "जिस पल हमें लगेगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा - और पानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है - खतरे में है, हम भारत के खिलाफ युद्ध करेंगे। निश्चित रूप से।"

रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि अगर उन्हें पता चलता है कि भारत नदियों के प्राकृतिक बहाव को रोकने, मोड़ने या बदलने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है, तो इस्लामाबाद कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।

June 20, 2026

आखिर क्यों लगी मिर्ची?

आसिफ की आक्रामक बयानबाजी भारत के जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की हालिया टिप्पणियों के बाद आई है। पाटिल की एक वीडियो क्लिप हाल ही में वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि भारत जून 2028 तक पाकिस्तान में सिंधु जल के प्रवाह को पूरी तरह से रोक सकता है। इस संभावित समय सीमा ने इस्लामाबाद में तेजी से चिंता पैदा कर दी है।

सिंधु जल संधि को लेकर क्यों छटपटा रहा पाकिस्तान?

मौजूदा राजनयिक गतिरोध की जड़ें पहलगाम में हुए घातक हमले से जुड़ी हैं। इस त्रासदी के बाद, भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को रोक दिया और घोषणा की कि यह समझौता तब तक निलंबित रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह से समर्थन देना बंद नहीं कर देता।

मूल रूप से विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई सिंधु जल संधि पाकिस्तान को सिंधु बेसिन के लगभग 80 प्रतिशत पानी पर नियंत्रण देती है। चूंकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर है, इसलिए यह नदी प्रणाली देश के लिए जीवन रेखा का काम करती है, जिससे यह मौजूदा विवाद दोनों देशों के लिए बहुत अहम मुद्दा बन गया है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 21 June 2026 at 23:28 IST