युद्ध के मैदान में समाधान नहीं होता, हमें वार्ता के जरिए ही शांति के रास्ते अपनाने होंगे- PM मोदी

PM Modi in Russia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने द्विपक्षीय वार्ता की।

PM Modi in Moscow | Image: YouTube

PM Modi in Russia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने चुनाव में जीत के लिए रूसी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं भी दीं। PM मोदी ने कहा कि कल आपने मुझे अपने निवास स्थान पर बुलाया। सच्चे दोस्त के रूप में कल शाम हमने करीब 4-5 घंटे तक अनेक विषयों पर बात की। यूक्रेन के विषय में हम दोनों खुले मन से विस्तार से हम उसकी चर्चा कर पाए, बड़े आदर के साथ एक दूसरे के विचारों को हमने सुनने और समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में समाधान नहीं होता, हमें वार्ता के जरिए ही शांति के रास्ते अपनाने होंगे।

PM मोदी ने कहा कि पिछले 5 साल काफी चुनौतीपूर्ण रहे और कई संकटों से गुजरना पड़ा। उन्होंने कोविड का जिक्र भी किया। PM मोदी ने कहा कि भारत-रूस की मित्रता के कारण मैंने मेरे देश के किसानों को फर्टिलाइजर के मामले में मुसीबत में नहीं आने दिया। इसमें हमारी मित्रता का काफी योगदान है।

आतंकवाद की निंदा

PM मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कहा कि आतंकवाद कितना घिनौना होता है, हम 40  साल से भुगत रहे हैं। ऐसे में जब मास्को में आतंकवादी घटनाएं घटीं, उसका दर्द कितना गहरा होगा, उसको मैं महसूस करता हूं और मैं हर प्रकार के आतंकवाद की निंदा करता हूं। पीएम मोदी ने पुतिन के साथ बातचीत में कहा कि मेरे मित्र, इस भव्य स्वागत के लिए हृदय से आपका बहुत आभार व्यक्त करता हूं। चुनाव में भारत में हमें विजय मिली। आपकी भी चुनाव में भव्य विजय हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपके साथ भी करीब-करीब ढाई दशकों से नाता जुड़ा है। मैं बीते 10 साल में आपसे कई बार मिला हूं और कई बार आपसे द्विपक्षीय वार्ता भी हुई है, जो अपने अच्छे संबंधों को दिखाती हैं।

'10 साल में 17 बार मिले'

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ढाई दशक से आपसे नाता जुड़ा है। हम 10 साल में 17 बार मिले हैं। ये अपने आप में हमारे संबंधों की गहराई दिखाता है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, पिछले अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि हमारा आने वाला कार्यकाल हमारे संबंधों को और घनिष्ठ बनाएगा।

उन्होंने कहा कि गत पांच वर्ष पूरे विश्व और मानवता के लिए चिंताजनक और चुनौतीपूर्ण रहे। पहले कोविड के कारण और बाद में संघर्ष और तनाव का कालखंड अलग-अलग भू-भाग में। ऐसी स्थिति में भारत-रूस मित्रता के कारण, जब दुनिया फूड, फ्यूल, फर्टिलाइजर के संकट से गुजर रही थी,  हमारी मित्रता के कारण मैं मेरे देश के किसानों को मुसीबत में नहीं आने दिया फर्टिलाइजर की आवश्यकता को पूरा किया। किसानों के हितों की रक्षा के लिए हम कमिटेट हैं। हम किसानों के हितों के लिए चाहेंगे कि रशिया के साथ हमारा सहयोग और अधिक बढ़ता रहे।

'बम, बंदूक और गोलियों के बीच...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से वार्ता के दौरान कहा- 'जी-20 में भारत, जी-20 की सफलता के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की आवाज बनकर अपनी बातें रखता रहा है। आज ग्लोबल साउथ की दुनिया में शांति की अपेक्षा है, उसको भी आपके सामने प्रस्तुत किया। युद्ध हो, संघर्ष हो, आतंकवादी हमले हों, मानवता में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति जब जनहानि होती है तो बहुत पीड़ित होता है। उसमें भी जब मासूम बच्चों का कत्ल होता है, तब दर्द बहुत भयानक होता है। हमारी भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए शांति सर्वाधिक आवश्यक है। मैं जानता हूं, युद्ध के मैदान में समाधान संभव नहीं होते। बम, बंदूक और गोलियों के बीच समाधान और शांति वार्ताएं सफल नहीं होती हैं। हमें वार्ता के माध्यम से ही शांति के रास्ते अपनाने होंगे।

उन्होंने आगे कहा- 'मुझे इस बात का संतोष है, कल आप खुलेमन से आप बात कर रहे थे, कोई लीपापोती नहीं हुई। हमारी बातचीत से एक नई सोच मैं महसूस कर रहा हूं, नई सोच सामने आई है। शांति की बहाली में भारत हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। आपका विचार सुनकर भी मुझे खुशी हुई। विश्व समुदाय को आश्वस्त करता हूं, भारत शांति के पक्ष में है। शांति के लिए मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन की बातें सुनकर मन में आशा पैदा हुई है।'

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 9 July 2024 at 16:24 IST