अपडेटेड 7 November 2025 at 20:32 IST
'हम खून दे सकते हैं लेकिन वंदे मातरम् नहीं गा सकते...', बिहार चुनाव के बीच सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने ऐसा क्यों कहा?
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन ने वंदे मातरम को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वो वंदे मातरम नहीं गा सकते, क्योंकि...
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन ने वंदे मातरम को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वो वंदे मातरम नहीं गा सकते, क्योंकि ये धरती की पूजा होगी और उनका धर्म धरती की पूजा करने की इजाजत नहीं देता।
आपको बता दें कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो गए हैं। इससे पहले इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में वर्ष भर चलने वाले स्मरणोत्सव का उद्घाटन किया। साथ ही साथ उन्होंने एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया।
एसटी हसन ने क्या कहा?
पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा, "ये विवाद बहुत पुराना है, सौ सालों से चला आ रहा है। इसे अब उठाने की क्या जरूरत थी, खासकर जब बिहार में चुनाव हो रहे हैं और मतदान चल रहा है? आप समझ सकते हैं। अब हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कौन कर रहा है? जाहिर है, मुसलमान अपने अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत नहीं कर सकते। मैं अल्लाह कहता हूं, वो ईश्वर कहते हैं, ॐ कहते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हम इस दुनिया में किसी की भी पूजा या प्रार्थना नहीं कर सकते। इसलिए हम किसी के आगे झुक नहीं सकते या समर्पण नहीं कर सकते। लेकिन अपनी मातृभूमि के लिए, अपने देश के लिए, उस धरती के लिए जहां हम पैदा हुए हैं, हम अपनी जान कुर्बान करने, अपना खून देने, हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। लेकिन पूजा? ये तो हम कर ही नहीं सकते।"
'पूजा सिर्फ उसी की होती है जिसने इंसानों को बनाया'
एसटी हसन ने कहा, "पूजा सिर्फ उसी की होती है जिसने इंसानों को बनाया, जो सबका रचयिता है, सबका मालिक है और सबका पालनहार है। इसलिए हम वंदे मातरम नहीं गा सकते, क्योंकि वो धरती की पूजा करने के समान हैं। इसलिए, हम ऐसा नहीं करते। हमारी पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि मनुष्य सभी प्राणियों में सबसे श्रेष्ठ है।"
पूर्व सांसद ने आगे कहा, "दुनिया में बनी हर चीज, हवा, पानी, पैर, पौधे, जानवर, नदियां, मानव जीवन को सहारा देने के लिए बनाई गई हैं, न कि इसके विपरीत। ये चीजें हमारे लिए बनाई गई हैं, इसलिए हम इनमें से किसी की भी पूजा नहीं कर सकते। हम केवल उसी की पूजा करते हैं जिसने हमें बनाया है, और यही सभी धर्मों के लोग करते हैं।"
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 7 November 2025 at 20:32 IST