अपडेटेड 6 March 2026 at 21:07 IST

रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की मोहलत दे अपने मुंह मियां मिट्ठू बन रहा था अमेरिका, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब, जानिए क्या कहा

खाड़ी में संकट की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले शिपिंग रूट पर बहुत ज्यादा असर पड़ रहा है, इसलिए अमेरिका ने गुरुवार को भारत को अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी।

Follow :  
×

Share


US Grants India 30-Day Waiver To Purchase Russian Oil Amid Iran War | Image: Republic

अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थाई छूट दी है। यह कदम वेस्ट एशिया में ईरान के साथ चल रहे झगड़े की वजह से पैदा हुई दिक्कतों के बीच ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

खाड़ी में संकट की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले शिपिंग रूट पर बहुत ज्यादा असर पड़ रहा है, इसलिए अमेरिका ने गुरुवार को भारत को अपनी एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी। भारत अपने तेल का लगभग 40 परसेंट हिस्सा इसी इलाके से खरीदता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेटेजिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट से होकर ट्रांसपोर्ट किया जाता है।

भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

भारतीय अधिकारियों ने इस बात को गलत बताया कि भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। एक सरकारी सूत्र ने कहा, "भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखे हुए है। भारत ने 2022 से रूसी तेल खरीदना कभी बंद नहीं किया है। फरवरी में भी रूस भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना रहा।"

सूत्र ने आगे कहा, "अभी तक, कोई भी प्रतिबंधित रूसी तेल इंपोर्ट नहीं किया गया है। भारत खुद तय करता है कि कच्चा तेल कहां से लेना है। भारत अपने कंज्यूमर्स के प्रति जवाबदेह है।"

रूस-यूक्रेन लड़ाई से पहले, भारत के कुल तेल इंपोर्ट में रूस का हिस्सा सिर्फ 0.2 प्रतिशत था। सरकारी सूत्र ने कहा, "आज, हमारे पास होर्मुज स्ट्रेट के अलावा दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से ज्यादा एनर्जी आती है। फरवरी में भारत का 55 प्रतिशत तेल इंपोर्ट होर्मुज के अलावा दूसरे इलाकों से आया था।" सूत्र ने कहा कि हबशान-फुजैराह तेल पाइपलाइन और यानबू पाइपलाइन जैसे दूसरे विकल्प भी हैं, जहां से तेल आता है।

भारत में स्टॉक की मौजूदा स्थिति

भारत के स्टॉक की मौजूदा स्थिति भी ठीक लग रही है, और स्टॉक हर दिन भरा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दुनिया में LPG या LNG के साथ-साथ कच्चे तेल की भी कोई कमी नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि भारत दूसरे सप्लायर्स के भी संपर्क में है। सूत्रों ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में हो रहे डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहा है, लेकिन पर्याप्त इन्वेंट्री लेवल और अलग-अलग सोर्सिंग के कारण सप्लाई साइड की किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ये भी पढ़ेंः 'बिना शर्त सरेंडर करो, सुप्रीम लीडर हम चुनेंगे', ट्रंप ने फिर धमकाया

Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 6 March 2026 at 21:07 IST