जरायम की दुनिया का 'बादशाह' कैसे बना था मुख्तार अंसारी? अपहरण से हत्या तक माफिया डॉन की पूरी कुंडली

Mukhtar Ansari Death: उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत हो गई है।

 
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Mukhtar Ansari Death | Image: PTI

Mukhtar Ansari Death: गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की बांदा के अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से 28 मार्च को मौत हो गई है। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मुख्तार को आनन फानन में मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया । मुख्तार अंसारी की मौत की खबर आने के बाद बांदा से लेकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक हड़कंप मच गया। मऊ, गाजीपुर और वाराणसी समेत यूपी के कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुख्तार अंसारी का परिवार बांदा के लिए रवाना हो गया है। मुख्‍तार के वकील लियाकत ने दावा किया है कि मुख्‍तार की मौत नहीं उन्‍हें मारा गया है।

यूपी के अधिकांश जिलों में मुकदमे दर्ज

पूर्वांचल के डॉन मुख्‍तार अंसारी का जन्‍म गाजीपुर के मोहम्‍मदाबाद में 3 जून 1963 को हुआ था। मुख्‍तार के पिता का नाम सुबहानउल्‍लाह और माता का नाम बेगम राबिया था। मुख्‍तार अंसारी पर हत्‍या, हत्‍या के प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और कई अन्‍य आपराधिक कृत्‍यों में कुल 65 मामले दर्ज हैं। इसमें लखनऊ, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, सोनभद्र, मऊ, आगरा, बाराबंकी, आजमगढ़ के अलावा नई दिल्‍ली और पंजाब में भी मुकदमे दर्ज हैं।

जरायम की दुनिया में ऐसे रखा था कदम

यूपी के मऊ विधानसभा से पांच बार के विधायक मुख्‍तार अंसारी पिछले 19 साल से जेल में बंद है। पहली बार मुख्‍तार ने जरायम की दुनिया में साल 1988 में कदम रखा था। 25 अक्तूबर 1988 को आजमगढ़ के ढकवा के संजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्‍या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, अगस्‍त 2007 में इस मामले में मुख्‍तार दोषमुक्‍त हो गया।

अवधेश राय हत्‍याकांड

24 जुलाई 1990 को शिवपुर के देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ बड़ागांव थाने में डिकैती और अपहरण का मामला दर्ज कराया। इस मामले में सितंबर 1990 को पुलिस ने कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। इसके बाद 3 अगस्त 1991 को अवधेश राय हत्‍याकांड में मुख्‍तार अंसारी के खिलाफ चेतगंज थाने में पूर्व विधायक अजय राय ने मुकदमा दर्ज कराया।

2005 से जेल में बंद था मुख्‍तार

अक्टूबर 2005 में मुख्‍तार अंसारी पर मऊ जिले में हिंसा भड़काने का आरोप लगा। इसी दौरान मुख्‍तार अंसारी ने गाजीपुर पुलिस के सामने आत्‍मसमर्पण कर दिया था, तब से वह जेल में बंद था। मुख्‍तार अंसारी पर आरोप है कि शार्प शूटर मुन्‍ना बजरंगी समेत अन्‍य गैंग के सदस्‍यों के साथ कृष्‍णानंद राय की हत्‍या करवा दी थी।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 28 March 2024 at 23:23 IST