माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत, दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में किया गया था शिफ्ट

Mukhtar Ansari Death: उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत हो गई है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Mukhtar Ansari Sentenced to Life Imprisonment in 1990 Arms Licence Case | Live
Mukhtar Ansari Died | Image: ANI

Mukhtar Ansari Death: उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मौत हो गई है। इससे पहले दिल का दौरा पड़ने के बाद उसे बांदा मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया था।

आपको बता दें कि अस्पताल के बाहर PAC जवानों की तैनाती की गई है। वहीं, यूपी के बांदा और मऊ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। लखनऊ, मऊ और गाजीपुर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वहीं, बांदा मेडिकल कॉलेज परिसर के आसपास काफी तादाद में पैरा मिलिट्री लगा दी गई है। मुख्तार अंसारी को यहां काफी ज्यादा बेहद गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। 

                                      

                                      मुख्तार अंसारी की हार्ट अटैक के बाद बांदा के अस्पताल में मौत

Advertisement

ये है मामला

बांदा जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की तबीयत बृहस्पतिवार की देर शाम बिगड़ गई थी। जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच अंसारी को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। अंसारी के वकील होने का दावा करने वाले नसीम हैदर ने बांदा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अंसारी को मेडिकल कालेज में दोबारा भर्ती किये जाने की सूचना मिली है।

इससे पहले मंगलवार तड़के भी अंसारी को राजकीय रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था लेकिन देर शाम अस्पताल से छुटटी दे दी गयी थी। अंसारी को मंगलवार देर शाम फिर जेल भेज दिया गया था।

Advertisement

कौन था मुख्तार अंसारी?

मुख्तार अंसारी 2005 से पंजाब और उत्तर प्रदेश में सलाखों के पीछे था। 60 वर्षीय डॉन से नेता बने मुख्तार अंसारी के खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले लंबित थे। उसे सितंबर 2022 से अब तक आठ मामलों में यूपी की विभिन्न अदालतों द्वारा सजा सुनाई गई थी और वह बांदा जेल में बंद था। उसका नाम पिछले साल उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी 66 गैंगस्टरों की सूची में था। 13 मार्च को मुख्तार अंसारी को 1990 में हथियार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जाली दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह आठवां मामला था जिसमें पांच बार के पूर्व विधायक को अदालत ने दोषी ठहराया और सजा सुनाई। पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में अंसारी को शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत छह महीने की कैद की सजा भी सुनाई गई थी।

ये भी पढ़ेंः ED हमला मामला, शाहजहां शेख को 9 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड