'राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे...', NEET पेपर लीक पर बोले नड्डा- विपक्ष तय करे समयसीमा, हम चर्चा के लिए तैयार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कहा कि नीट पेपर लीक का मुद्दा गंभीर है। इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पेपर लीक के मुद्दे पर कहा कि पेपर लीक का मुद्दा गंभीर है। इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को उन राज्यों में हुए पेपर लीक के बारे में भी बताया, जहां विपक्ष की सरकार है। नड्डा ने सवाल किया कि राहुल गांधी, आप सेलेक्टिव क्यों हो रहे हैं? आपने इंडी गठबंधन या कांग्रेस समर्थित सरकारों की चर्चा क्यों नहीं की? यानी आपकी रुचि छात्रों का हित नहीं है। आप राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं।
क्या बोले जेपी नड्डा?
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, जेपी नड्डा ने संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप पर जवाब दिया कि पिछले एक दशक में पूरे भारत में करीब 150 परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं। नड्डा ने कहा कि गांधी के आरोपों की जांच की जाएगी और जांच के बाद सरकार जवाब देगी।
जेपी नड्डा ने कहा, "हम चाहते थे कि संसद में इस पर चर्चा हो। चाहे कम समय की चर्चा हो या ज्यादा समय की, बिजनेस एडवाइजरी कमिटी में आप तय कर सकते हैं कि कितना समय चाहिए। आप 12 घंटे ले सकते हैं, 18 घंटे ले सकते हैं। राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि विपक्ष जितने भी घंटे चर्चा करना चाहे, हम उसके लिए तैयार हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए और बार-बार अपनी शर्तें नहीं बदलनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि हमें सोचना चाहिए कि इस समस्या को कैसे हल किया जाए और संसद ही वह सही जगह है जहां हम इस पर गहराई से सोच सकते हैं। विपक्ष को समय तय करना चाहिए और इसमें हर पहलू पर चर्चा होनी चाहिए और हमें एक ठोस नीति बनानी चाहिए। बच्चे हमारे भी हैं, आपके भी हैं और देश का भविष्य भी हैं। देश के भविष्य की चिंता करना हमारी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी में सरकार और विपक्ष दोनों शामिल हैं। इसलिए, मैं विपक्ष से अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह करता हूं, और हम सभी को मिलकर इस मुद्दे को हल करने और एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ने के लिए काम करना चाहिए।"
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
युवाओं की अगुवाई वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) 6 जून से जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए है और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
इस आंदोलन ने तब और ज्यादा ध्यान खींचा जब मशहूर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने इसे समर्थन दिया और विरोध स्थल पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। 20 से ज्यादा दिनों तक भूख हड़ताल करने के बाद पुलिस उन्हें जबरदस्ती अस्पताल ले गई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को एक पत्र लिखकर कहा है कि अगर सरकार यह भरोसा दिलाए कि इस आंदोलन में शामिल होने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या बदले की भावना वाली कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वे अपनी हड़ताल खत्म करने को तैयार हैं।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 21:03 IST