Sonam Wangchuk: 'मैं अनशन खत्म कर दूंगा...', सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी, सामने रखी ये बड़ी शर्त
सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार के सामने कुछ शर्त रखी है और कहा कि सरकार से आश्वासन मिलने के बाद वो आज ही अपना अनशन खत्म कर देंगे।
- भारत
- 4 min read

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने का फैसला किया, मगर उन्होंने इसके लिए कुछ शर्त रखी है। इस संबंध में उन्होंने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है। सोनम ने अपना एक वीडियो संदेश भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी है और अनशन तोड़ने को लेकर अपनी शर्तों के बारे में भी बताया है। वहीं, इस लेकर उनकी पत्नी का भी बयान भी सामने आया है।
सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से अनशन कर रहे। फिलहाल वो गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था। अब उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अनशन आज ही तोड़ने की बात कही है, मगर उन्होंने यह भी कहा है कि मेरी कुछ शर्तें हैं जो पूरी होने के बाद ही मैं अनशन तोड़ूंगी।
सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो संदेश
वांगचुक ने अपने X हैंडल पर अपना वीडियो संदेश और पत्र को साझा किया और कहा कि जैसे ही सरकार की ओर आश्वासन मिलेगा, वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर बिना किसी शर्त के लिखित या आधिकारिक आश्वासन देती है, तो वे अपना अनशन तुरंत खत्म कर देंगे। अन्यथा अनशन जारी रहेगा।
पत्नी ने बताया अनशन खत्म करने को तैयार सोनम
वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने भी इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सोनम वांगचुक कई सांसदों से आश्वासन और पत्र मिलने के बाद अपना अनशन तोड़ने का फैसला किया है। लेकिन उन्हें भारत सरकार से भी इस बात का आश्वासन चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। उन्हें सरकार से यह आश्वासन भी चाहिए कि आज रात उन पर कोई शारीरिक हमला नहीं किया जाएगा।
Advertisement
केंद्र सरकार के सामने रखी ये शर्त
सोनम ने जितेंद्र सिंह और नड्डा जी को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें आश्वासन चाहिए कि बच्चों के साथ कुछ भी गलत नहीं होगा। उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी, उन पर कोई अनावश्यक बल प्रयोग नहीं किया जाएगाष हम भारत सरकार से एक और आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं। वह बच्चों के बारे में आश्वासन चाहते हैं क्योंकि अगर हम यह पूरा आंदोलन बच्चों और उनके भविष्य के लिए कर रहे हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं।
कैसी है सोनम की अब तबीयत
अगर सरकार सोनम की शर्तों को नहीं मानती है तो वो अपनी भूख हड़ताल को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा देंगे।" डॉ. आंग्मो ने बताया कि फिलहाल वे केंद्र सरकार से एक और महत्वपूर्ण आश्वासन का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, पति के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए पत्नी ने कहा, 25 दिनों के बाद भी उनके वाइटल्स (शरीर के जरूरी संकेत) ठीक हैं। शरीर कमजोर होता जा रहा है। मसल्स कम हो रही हैं और धीरे-धीरे इंसान बहुत कमजोर हो जाता है। सेहत में ऐसी कोई बात नहीं है जिससे जान को खतरा हो।