'PM मोदी ने जाति की राजनीति को खत्म किया', पूर्व कांग्रेस नेता समेत सैकड़ों कार्यकर्ता BJP में शामिल
Gujarat News: पेटलाद से छह बार के विधायक और गुजरात के पूर्व कांग्रेस नेता निरंजन पटेल बीजेपी में शामिल हो गए।
Gujarat News: पेटलाद से छह बार के विधायक और गुजरात के पूर्व कांग्रेस नेता निरंजन पटेल के साथ सैकड़ों कांग्रेस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो गए। BJP में शामिल होते ही उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
आणंद सांसद मितेश पटेल द्वारा आयोजित एक सभा में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जातिवाद की राजनीति को खत्म कर दिया है।
निरंजन पटेल ने क्या कहा?
गुजरात के पूर्व CM माधवसिंह सोलंकी पर हमला बोलते हुए पाटिल ने कहा- '1984 में आपके क्षेत्र (आणंद) में एक कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने KHAM सिद्धांत को अपनाया था, जो जाति और पंथ की विभाजनकारी राजनीति का उपयोग करके वोट मांग रहे थे। उन्हें गुजरात विधानसभा में 149 सीटें मिली थीं, लेकिन उन्हें ऐसा श्राप मिला कि वह छह महीने से ज्यादा सत्ता में नहीं रह सके। 2022 गुजरात चुनाव में, मोदी जी के तहत कोई जाति या पंथ नहीं था। पूरी तरह से भाजपा पार्टी कार्यकर्ताओं के बल पर और मतदाताओं का विश्वास और प्यार जीतकर पार्टी ने 156 सीटें जीतीं।'
पूर्व कांग्रेस नेता मनीष खंडूरी भाजपा में शामिल
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी शनिवार को अपने पिता की पार्टी में शामिल हो गए। उन्होंने एक दिन पहले ही कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
मनीष खंडूरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की उपस्थिति में सत्तारूढ़ दल की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने शुक्रवार को कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।
मनीष 2019 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें 2019 के आम चुनाव में पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था लेकिन उन्हें भाजपा के तीरथ सिंह रावत से तीन लाख से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा था।
मनीष की बड़ी बहन रितु खंडूरी उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं। वह कोटद्वार से भाजपा विधायक हैं। उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा, ‘‘पार्टी ने उन्हें पूरा सम्मान दिया। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट भी दिया गया था। कई चीजें होती हैं, कई बार परिवार का भी दबाव होता है। उनके पिता भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उनकी बहन भी उसी पार्टी में हैं। उनकी बहन मौजूदा विधानसभा की अध्यक्ष हैं।’’ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष ने इसके पहले कहा था, ‘‘उनके इस्तीफे के वास्तविक कारण का पता उनसे बात करने के बाद ही चल पाएगा।’’
(इनपुटः PTI भाषा के साथ रिपब्लिक भारत)
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 9 March 2024 at 17:24 IST