'आपने ही अनुमति दी थी और अब आप ही गोली चला रहे हैं...', स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय तेल टैंकर पर गोलीबारी के समय का AUDIO आया सामने
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय तेल टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा गोलीबारी की घटना ने बीते 24 घंटों में कूटनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय तेल टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा गोलीबारी की घटना ने बीते 24 घंटों में कूटनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस हमले के बाद भारत ने विदेश मंत्रालय के स्तर पर सख्त आपत्ति दर्ज कराते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया है।
आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर सनमार हेराल्ड, जिसमें लगभग 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लदा हुआ था, ईरानी नौसेना की गोलीबारी के निशाने पर आ गया। समानांतर में भारतीय झंडे वाला बल्क कैरियर जहाज ‘जग अर्नव’ भी उसी मार्ग पर मौजूद था, जिसे भी वापस मुड़ने के लिए मजबूर किया गया।
लेकिन अब आप गोलीबारी कर रहे हैं...ऑडियो आया सामने
उन दोनों जहाजों में से एक के रेडियो संचार से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो गई है, जिसमें भारतीय कप्तान ईरानी नौसेना से रेडियो पर कहते सुनाई देते हैं कि “आपने ही मुझे आगे बढ़ने की मंजूरी दी थी, मेरा नाम आपकी लिस्ट में दूसरे नंबर पर है, लेकिन अब आप गोली चला रहे हैं… मुझे वापस मुड़ने दीजिए।” इस ऑडियो ने तेहरान के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि वह “गैर-युद्ध देशों” के जहाजों को निशाना नहीं बनाएगा।
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भारत का कूटनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली को तलब कर घटना को “गंभीर घटना” बताया और नाविकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। भारत की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ईरान को भारत आने‑जाने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित और नियमित मार्ग सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार बाधित न हो।
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विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय नौसेना फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के भीतर सीधे तैनात नहीं है, लेकिन गल्फ ऑफ ओमान में दो डिस्ट्रॉयर, एक फ्रिगेट और एक टैंकर तैनात हैं, जो भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए निगरानी और तैयारी बरकरार रख रहे हैं।
होर्मुज क्यों वैश्विक तनाव का केंद्र बना है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लगभग 20 फीसदी कच्चे तेल की आपूर्ति का मुख्य जलमार्ग है, जिस पर हाल के हफ्तों में अमेरिका–ईरान तनाव और अमेरिकी–इजरायली हमलों के बाद से स्थिति विस्फोटक हो गई है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने हाल के संबोधन में साफ कहा कि जब तक अमेरिका अपनी ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी नहीं हटाता, वह इस जलडमरूमध्य को “खुला” नहीं रहने देगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ इस घटना को उस बड़े तस्वीर का हिस्सा मान रहे हैं, जहां भारत की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और हजारों भारतीय नाविकों की जान एक साथ दांव पर लगी हुई है। अगर मौजूदा दो सप्ताह का युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने के बाद बढ़ाया नहीं जाता या कोई ठोस शांति समझौता नहीं होता, तो होर्मुज क्षेत्र में और अधिक सैन्य और समुद्री तनाव देखने को मिल सकता है।