जहाज मेरी सेलेस्टे लहरों पर डोल रहा था, कीमती सामान खाने पीने की चीजें वैसे ही थी, अचानक लोग कहां गायब हो गए? समुद्र का सबसे अनसुलझा रहस्य

समुद्री इतिहास के पन्नों में दर्ज कई कहानियों में ‘मेरी सेलेस्टे’ का रहस्य आज भी सबसे रोमांचक और खौफनाक माना जाता है। वर्ष 1872 में अटलांटिक महासागर की लहरों के बीच तैरता हुआ यह जहाज जब मिला, तो पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई।

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viral-mystery-of-mary-celeste-ghost-ship-unsolved-maritime-puzzle | Image: Meta AI

4 दिसंबर 1872 की सुबह अटलांटिक महासागर में जो घटित हुआ, वह समुद्री इतिहास के सबसे डरावने और रहस्यमयी पन्नों में से एक है। पुर्तगाल के तट के पास ‘देई ग्राटिया’ जहाज के चालक दल को लहरों पर एक जहाज बेतरतीब ढंग से डोलता हुआ दिखाई दिया। यह जहाज था‘मेरी सेलेस्टे’। जब देई ग्राटिया के नाविकों ने इस पर कदम रखा, तो वहां का नजारा देख उनकी रूह कांप गई। जहाज पूरी तरह सुरक्षित था, लेकिन वहां कोई जीवित इंसान मौजूद नहीं था।

एक खाली जहाज, हजारों अनसुलझे सवाल

जहाज पर सवार कैप्टन बेंजामिन ब्रिग्स, उनकी पत्नी, उनकी नन्ही बेटी और सात क्रू मेंबर्स रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जहाज पर किसी भी संघर्ष या हमले का कोई निशान नहीं था। कैप्टन के केबिन में सब कुछ व्यवस्थित था, रसोई में खाना सुरक्षित रखा था और यात्रियों के कीमती सामान व बच्चों के खिलौने अपनी जगह पर थे। जहाज का डूबने जैसा कोई खतरा नहीं था, बस थोड़ा पानी अंदर जरूर था। जहाज से केवल दो चीजें गायब थीं। जिसमें एक लाइफबोट और नेविगेशन के कुछ जरूरी औजार। सवाल यह उठता है कि अगर जहाज सुरक्षित था, तो चालक दल ने उसे छोड़ने का फैसला क्यों किया?

क्या थी इसके पीछे की सच्चाई?

विशेषज्ञों ने इस पहेली को सुलझाने के लिए कई सिद्धांत दिए हैं। एक प्रमुख थ्योरी के अनुसार, जहाज पर लदे कच्ची शराब के 1700 से अधिक बैरल में से गैस लीक होने लगी होगी। गैस की तेज गंध और संभावित धमाके के डर से कैप्टन ने एहतियात के तौर पर लाइफबोट में उतरने का फैसला लिया होगा। संभव है कि जहाज के पीछे लाइफबोट बांधकर वे खतरा टलने का इंतजार कर रहे हों, लेकिन तभी आए किसी भयंकर तूफान या रस्सी टूटने के कारण वे मुख्य जहाज से अलग होकर गहरे समुद्र में खो गए हों।

एक ऐसा रहस्य जो आज भी कायम है। इस घटना पर जिब्राल्टर में आधिकारिक जांच भी हुई, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका। यहां तक कि देई ग्राटिया के क्रू पर भी इनाम के लालच में कत्ल का शक किया गया, पर कोई सबूत नहीं मिला। न तो कभी किसी का शव मिला और न ही लाइफबोट का कोई टुकड़ा।

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Published By:
 Aarya Pandey
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