अपडेटेड 4 January 2026 at 16:43 IST

Venezuela Petrol Price: वेनेजुएला में इतना सस्‍ता है पेट्रोल कि..., जितने में आता है बड़ा वाला Parle-G बिस्कुट, उतने में बाइक की टंकी फुल

वेनेजुएला में दुनिया भर से सबसे सस्ता पेट्रोल मिलता है और यही उसके लिए अभिशाप बन गया।

Venezuela Petrol Price
Venezuela Petrol Price | Image: Pixabay

Venezuela Petrol Price: सऊदी अरब से कहीं अधिक तेल भंडार रखने वाले वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में 80 प्रतिशत से ज्यादा सिकुड़ चुकी है। ह्यूगो शावेज के नेतृत्व वाली समाजवादी नीतियों से शुरू हुआ यह पतन, निकोलस मादुरो के शासन में चरम पर पहुंचा। हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के तहत मादुरो को हिरासत में ले लिया गया है, जिससे देश में नया राजनीतिक मोड़ आ गया है। लेकिन इस संकट के बीच वेनेजुएला का एक सच सामने आया है जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। 

जी हां वेनेजुएला में दुनिया भर से सबसे सस्ता पेट्रोल मिलता है और यही उसके लिए अभिशाप बन गया। वेनेजुएला में मात्र 1 से 3 रुपये प्रति लीटर (0.01 से 0.035 डॉलर) पेट्रोल मिलता है। आइए जानते हैं इस सस्ते ईंधन की पूरी कहानी और इसके पीछे छिपे आर्थिक राज।

भारी सब्सिडी: राजनीतिक हथियार या आर्थिक जहर?

दशकों से वेनेजुएला सरकारें पेट्रोल को महज एक आर्थिक उत्पाद नहीं, बल्कि जनता का 'राजनीतिक अधिकार' मानती रहीं। PDVSA नामक सरकारी तेल कंपनी के जरिए दी जाने वाली मोटी सब्सिडी ने ईंधन कीमतों को सालों तक जस का तस रखा, भले ही हाइपरइन्फ्लेशन ने अर्थव्यवस्था को चावल-दाल तक महंगी कर दी। नतीजा यह हुआ कि 35-50 लीटर टैंक वाली एक आम कार का फुल टैंक भरवाने में महज 50 से 150 रुपये लगते हैं। कई विकसित देशों में तो इससे ज्यादा पार्किंग का चार्ज वसूला जाता है।

वेनेजुएला में दोहरी ईंधन प्रणाली चलती है। सब्सिडी वाला 'रेगुलर' पेट्रोल ज्‍यादा सस्ता है, जबकि 'प्रीमियम' या बिना सब्सिडी वाला वैश्विक कीमतों के अनुरूप लगभग 42 रुपये प्रति लीटर पड़ता है। अगर कोई ड्राइवर प्रीमियम चुनता है, तो 50 लीटर टैंक भराने में 20-25 डॉलर (लगभग 1,700-2,100 रुपये) खर्च होते हैं। वेनेजुएला की औसत आय (मासिक 3-5 डॉलर) के लिहाज से यह महंगा है, लेकिन भारत, अमेरिका या यूरोप जैसे देशों से 5-10 गुना सस्ता।

सस्ता पेट्रोल, महंगा सबक: अर्थव्यवस्था का कंगाल होना

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पेट्रोल की यही सस्‍ती कीमत वेनेजुएला की तबाही का प्रमुख कारण बना। सरकारी खजाने पर भारी सब्सिडी का बोझ पड़ा, जिसने तेल राजस्व को चूस लिया। पड़ोसी कोलंबिया, ब्राजील में बड़े स्तर पर स्मगलिंग फल-फूल उठी। लोग गैलन भरकर तस्करी कर अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचाते रहे। परिणामस्वरूप, 75 लाख से अधिक लोग देश छोड़ चुके हैं। GDP में 80% गिरावट, हाइपरइन्फ्लेशन (2018 में 13 लाख प्रतिशत!) और भुखमरी ने देश को लील लिया। 

विशेषज्ञों का कहना है कि सस्ते पेट्रोल की लत ने निवेश, विविधीकरण और सुधारों को रोका। अब मादुरो की गिरफ्तारी के बाद नई सरकार सब्सिडी घटाने और बाजार सुधारों पर विचार कर रही है, लेकिन सड़कों पर विरोध और अराजकता का खतरा मंडरा रहा है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 4 January 2026 at 16:43 IST