US-Iran War: ईरान पर अमेरिका की 9वीं रात भारी बमबारी, होर्मुज क्रॉस कर रहे दो जहाजों में जोरदार धमाका; IRGC ने दी खुली चेतावनी
अमेरिका ने ईरान पर लगातार 9वीं रात भारी हवाई हमले किए हैं। वहीं, उत्तरी इराक में ईरानी बम को डिफ्यूज करते समय एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। उधर, होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों में धमाका हुआ है, जिसका आरोप IRGC ने अमेरिका पर लगाया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US Iran War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार (19 जुलाई) को अमेरिकी समयानुसार शाम 7 बजे ईरान पर ताबड़तोड़ हवाल हमले किए। यह लगातार नौवीं ऐसी रात है जब अमेरिकी फाइटर जेट्स और क्रूज मिसाइलों ने ईरानी ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।
कई शहरों में हुए जोरदार हमले
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज समेत कई इलाकों पर हमले किए हैं। ईरानी मीडिया की ओर से दक्षिणी प्रांत होरमोजगान और बुशेहर में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की भी पुष्टि की है। दक्षिण-पूर्वी शहर चाबहार में भी कई धमाके हुए और इसके बाद कोनारक क्षेत्र में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस नए सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए साफ कर दिया है कि इन ताबड़तोड़ हमलों का मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाने वाली ईरानी सैन्य ताकतों को पूरी तरह ध्वस्त करना है। अमेरिकी सेना का रुख स्पष्ट है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग सुरक्षित नहीं हो जाते, यह सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
ईरान का पलटवार, एक और अमेरिकी सैनिक की मौत
ईरान ने भी पलटवार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तरी इराक में ईरान ने एक ड्रोन से बम गिराया था, जो फटा नहीं था। जैसे ही अमेरिकी सैनिक उसे डिफ्यूज करने गया, वहां धमाका हो गया और उसकी मौत हो गई। 28 फरवरी से शुरू हुई इस युद्ध में अब तक 17 अमेरिकी जवानों की जान जा चुकी है।
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होर्मुज में दो जहाजों में धमाका
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार (20 जुलाई) को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि दक्षिणी होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों में जोरदार विस्फोट हुआ है। इस घटना के बाद दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है और वे पूरी तरह बेकार (निष्क्रिय) हो गए हैं।
IRGC ने अमेरिका पर इसका आरोप लगाया। उसके मुताबिक, दोनों टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले एक बेहद असुरक्षित दक्षिणी रास्ते का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। उन्हें ऐसा करने के लिए अमेरिकी सेना ने उकसाया था। IRGC ने बयान में कहा कि जब तक इस क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य आक्रामकता जारी रहेगी, तब तक यह पूरा जलमार्ग असुरक्षित रहेगा। इस दौरान खुली चेतावनी दी कि यह रास्ता अब पेट्रोकेमिकल उत्पादों, या तेल और गैस की एक बूंद के परिवहन के लिए भी सुरक्षित नहीं माना जाएगा।