US-Iran War: 'कभी न भूलने वाले सबक सिखाएंगे', मोजतबा खामेनेई की अमेरिका को खुली धमकी; ट्रंप को बताया 'महाशैतान'
मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "ग्रेट शैतान"कहा और घोषणा की कि 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर पूरी तरह बेकार हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में हालात हर दिन और बिगड़ते ही जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान दोनों देशों एक कदम पीछे करने को तैयार नहीं है। अमेरिका के ताजा हमलों के बाद अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति ट्रंप को खुली चेतावनी दे दी है। खामेनेई ने साफ-साफ कहा कि अगर अमेरिका हमले नहीं रोकता तो उसे ऐसी सबक सिखाएंगे, जिसे वो कभी भुल नहीं पाएगा।
राष्ट्र के नाम दिए अपने संदेश में खामेनेई ने अमेरिका पर ईरान के साथ समझौतों का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि इन उल्लंघनों ने एक बार फिर वाशिंगटन की बेईमानी, अतार्किकता, अविश्वसनीयता और दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को उजागर कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को 'महाशैतान' बताया।
मोजतबा खामेनेई की अमेरिकी की खुली धमकी
मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए उन्हें "ग्रेट शैतान" (बड़ा शैतान) कहा और घोषणा की कि 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर पूरी तरह बेकार हैं। खामेनेई ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान पर सैन्य हमले जारी रखता है, तो ईरान और उसे मुंहतोड़ जवाब देते हुए "कभी न भूलने वाला सबक सिखाएगा।
खामेनेई ने ट्रंप को ‘महाशैतान’ बताया
ईरानी सुप्रीम लीडर ने आगे आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपने कार्यों के माध्यम से अपना "असली, बेनकाब चेहरा" दिखाया है। ताजा हमलों को उन्होंने अपराध और टूटे हुए वादों का एक और उदाहरण बताया। अमेरिका के साथ चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए, खामेनेई ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा तनाव को और बढ़ाने पर उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
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हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे-खामेनेई
खामेनेई ने आगे कहा, ‘अब जब अमेरिकी दुश्मन संघर्ष को और बढ़ाना चाहता है, जिससे उसे और भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और और अधिक अपमान सहना पड़ेगा, तो उसे यह जान लेना चाहिए कि ईरान की महान जनता और प्रतिरोध मोर्चे के पास उसके लिए कभी न भूलने वाले सबक तैयार हैं।" उन्होंने ईरानी लोगों से देश के हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहते हुए देश की संस्थाओं का समर्थन जारी रखने की भी अपील की।’