यूरेनियम छोड़ने को तैयार हुआ तेहरान, ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लीयर डील पर बनी सहमति, ट्रंप ने कहा- जल्द करेंगे समझौते का ऐलान
US-Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौते पर सहमति बन गई है। ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान करेंगे
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US-Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच अब एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान प्रस्तावित शांति समझौते के तहत अपने संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि तेहरान ने इस अहम मसले पर सहमति जता दी है, जिससे युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की राह आसान हो सकती है।
ट्रंप का दावा- जल्द करेंगे समझौता
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, यह डील सिर्फ लड़ाई रोकने के लिए नहीं बल्कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। पिछले कई महीनों से इस जलमार्ग के बंद रहने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही थी।
यूरेनियम भंडार पर बनी सहमति
ईरान शुरू में इस मुद्दे को पहले चरण के समझौते में शामिल करने से मना कर रहा था और इसे बाद की वार्ता के लिए टालना चाहता था। लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया कि बिना शुरुआती प्रतिबद्धता के आगे बातचीत संभव नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के विकल्प भी तैयार रखे थे, खासकर इस्फहान स्थित भूमिगत सुविधा को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान के पास करीब 970 पाउंड यूरेनियम है जो 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा चुका है। इजरायल का कहना है कि अगर इसे और आगे बढ़ाया जाए तो यह परमाणु हथियार बनाने के लिए काफी हो सकता है। अब चर्चा इस बात पर है कि ईरान यह भंडार रूस को सौंपे या फिर इसे कम संवर्धन स्तर पर बदल दे।
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वार्ता का क्या है पूरा प्लान?
प्रस्तावित समझौते में युद्ध की औपचारिक समाप्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना और अगले 30-60 दिनों में परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत शामिल हो सकती है। ईरान की ओर से प्रतिबंध हटाने और फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस मिलने की मांग भी जारी है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे “ढांचागत समझौता” बताया है, जिसके बाद भविष्य में और विस्तृत वार्ता होगी। हालांकि दोनों तरफ से चेतावनी भी जारी है कि अगर बात नहीं बनी तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है।
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यह घटनाक्रम उन हमलों के कई महीने बाद आया है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। फिलहाल युद्धविराम चल रहा है, लेकिन माहौल अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है। अगर यह डील सफल हुई तो न सिर्फ ईरान-अमेरिका जंग खत्म हो सकती है बल्कि पूरे क्षेत्र में तेल और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे दबाव में भी काफी कमी आएगी।