US-Iran: एक तरफ डील की बात, दूसरी तरफ अटैक... अमेरिका ने होर्मुज के पास माइंस बिछा रही ईरानी नावों पर किए हमले, फिर बढ़ेगा तनाव?
US Iran News: एक तरफ अमेरिका और ईरान शांति समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इस बीच अमेरिका ने फिर ईरान पर हमला कर दिया है। दक्षिणी ईरान और होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल साइट और नौकाओं को निशाना बनाया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

US Iran News: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में होने का दावा किया जा रहा है। इस बीच अमेरिकी सेना ने फिर हमले किए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी द्वीपों पर अटैक किया। इस दौरान माइंस बिछाने की कोशिश कर रही नावें और मिसाइल लॉन्च साइट को निशाना बनाया गया। अमेरिका के इन नए हमलों से पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है।
US सेंट्रल कमांड ने जारी किए गए बयान में कहा कि इन हमलों का मकसद ईरानी सैन्य बलों द्वारा पैदा किए जा रहे खतरों से अपने सैनिकों की सुरक्षा करना था। CENTCOM के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, “US सेंट्रल कमांड मौजूदा सीजफायर के दौरान पूरी संयम बरतते हुए अपनी सेना की रक्षा कर रहा है।”
बंदर अब्बास में भी धमाके
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज समुद्री मार्ग से सटे बंदर अब्बास में भी धमाके की आवाजें सुनाई दी। खबर है कि वहां ईरानी नावें समंदर में बारूदी सुरंगें बिछा रही थीं। फिलहाल ईरान ने अपने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को अलर्ट कर दिया है।
'यूरेनियम अमेरिका को सौंपे या फिर...'
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा है कि ईरान को एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा या फिर इसे वापस लाकर नष्ट करना होगा। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "संवर्धित यूरेनियम (न्यूक्लियर धूल) को या तो तुरंत संयुक्त राज्य अमेरिका को सौंप दिया जाएगा, ताकि उसे वापस लाकर नष्ट किया जा सके; या, बेहतर तो यह होगा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ मिलकर और उनके समन्वय से, उसे उसी जगह पर या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर नष्ट कर दिया जाए। इस पूरी प्रक्रिया और घटना के गवाह के तौर पर परमाणु ऊर्जा आयोग (Atomic Energy Commission) या उसके समकक्ष कोई संस्था मौजूद रहे।"
Advertisement
डील को लेकर क्या बोले ट्रंप?
इससे पहले ट्रंप ने एक दूसरे पोस्ट में यह भी दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह या तो सभी के लिए एक बहुत बड़ी डील होगी, या फिर कोई डील नहीं होगी- हम वापस युद्ध के मैदान में होंगे और गोलियां चलेंगी, पहले से कहीं ज्यादा बड़े और जोरदार तरीके से और कोई भी ऐसा नहीं चाहता।
वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन लड़ाई खत्म करने के लिए कोई डील जल्द नहीं होने वाली है।