इन देशों में इबोला के कहर के बीच अलर्ट हुई भारत सरकार, DGCA ने जारी की गाइडलाइंस; एयरपोर्ट पर होगी थर्मल स्क्रीनिंग
Ebola Viurs: इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए नई सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। DGCA ने युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से आने वाले यात्रियों के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य कर दिया है।
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Ebola Virus Alert: अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस को लेकर मचे कहर के बीच भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार (25 मई) को एक बैठक में इबोला वायरस से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (Directorate General of Civil Aviation) ने युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से जुड़े यात्रियों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है।
वैसे तो भारत में इबोला का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में सरकार ये चाहती है कि वायरस भारत में एंट्री न करें। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
DGCA ने जारी की SoP
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने एयरलाइंस के लिए एक खास मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। उन सभी एयरलाइंस को सख्त निर्देश दिए गए, जिनकी सीधी या फिर अप्रत्यक्ष फ्लाइट कनेक्टिविटी युगांडा और कांगो से है। गाइडलाइंस के अनुसार अब इन फ्लाइट्स में यात्रा करने वाले हर यात्री को Self Declaration Form भरना होगा।
आदेश के मुताबिक सभी एयरलाइंस को यात्रियों को यह भी बताना होगा कि अगर उन्हें बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, रैश या ब्लीडिंग जैसे लक्षण हैं तो इसके बारे में वे तुरंत क्रू को जानकारी दें। उस यात्री को एयरपोर्ट के मेडिकल यूनिट के हवाले किया जाएगा।
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अगर किसी फ्लाइट में किसी यात्री में संदिग्ध लक्षण दिखते हैं, तो केबिन क्रू को तुरंत तय प्रक्रिया अपनानी होगी। ऐसे यात्री को विमान के पिछले हिस्से में ले जाकर वहां बैठने की व्यवस्था करनी होगी। उसके चारों ओर तीन-तीन सीटों की पंक्तियां पूरी तरह खाली रखी जाएंगी। उसे एक अलग टॉयलेट भी आवंटित किया जाएगा। यात्री को मास्क और PPE किट दी जाएगी, जबकि आसपास बैठे अन्य यात्रियों को ट्रिपल-लेयर मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
विमान के उतरते ही ATC और एयरपोर्ट अथॉरिटी से समन्वय कर उसे एक अलग पार्किंग बे (isolated bay) में खड़ा किया जाएगा। सबसे पहले बाकी सभी यात्री उतार लिए जाएंगे। अंत में संदिग्ध यात्री को स्वास्थ्य विभाग की टीम के हवाले किया जाएगा। एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (APHO) की टीम तुरंत थर्मल स्क्रीनिंग करेगी और आवश्यक SD फॉर्म्स भरवाएगी। इसके बाद विमान को पूरी तरह डिसइन्फेक्ट कर दिया जाएगा।
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किन एयरलाइंस पर लागू है यह आदेश?
यह अनिवार्य निर्देश एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर पर लागू होंगे। साथ ही कांगो से उड़ान भरने वाली प्रमुख विदेशी एयरलाइंस इथोपियन एयरलाइंस, केन्या एयरवेज, कतर एयरवेज, एमिरेट्स, एतिहाद, टर्किश एयरलाइंस, एयर फ्रांस, एयर तंजानिया, इजिप्टएयर और युगांडा एयरलाइंस भी इसमें शामिल हैं। वहीं, युगांडा से उड़ान भरने वाली एयरलाइंस एयर अरेबिया, फ्लाई दुबई, KLM, सलाम एयर, Druk Air और Flynas को इन निर्देशों का पालना करना होगा।
एयरलाइंस को क्या-क्या तैयार रखना होगा?
DGCA ने सभी एयरलाइंस को अपने केबिन क्रू की विशेष ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। साथ ही हर विमान में पर्याप्त मात्रा में कई सामग्री रखनी होगी-
- ट्रिपल-लेयर मास्क
- डिस्पोजेबल दस्ताने
- PPE किट
- हैंड सैनिटाइजर
- बायो-हजार्ड डिस्पोजल बैग्स
WHO ने DRC और युगांडा में चल रहे इबोला प्रकोप को Public Health Emergency of International Concern (PHEIC) घोषित किया है। इन देशों की सीमा से लगे पड़ोसी राष्ट्र (खासकर दक्षिण सूडान) फिलहाल सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। इसी को देखते हुए भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विस्तृत SOP जारी किया और DGCA ने सभी संबंधित एयरलाइंस को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं।