अपडेटेड 2 March 2026 at 19:43 IST

'इस्लामिक कट्टरपंथियों के हाथ में न्यूक्लियर हथियार नहीं दे सकते', क्या ईरान के अंदर सेना भेजेगा अमेरिका? रक्षा सचिव ने दिया बड़ा बयान

ईरान पर अटैक के बीच अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें उन्होंने ईरान के अंदर सेना भेजने का भी इशारा दे दिया।

Hegseth’s plane diverted to UK due to cracked windshield
Hegseth | Image: AP

ईरान पर अटैक के बीच अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें उन्होंने ईरान के अंदर सेना भेजने का भी इशारा दे दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथियों के हाथ में न्यूक्लियर हथियार नहीं दे सकते।

हेगसेथ ने कहा कि "47 लंबे सालों से ईरान में सरकार ने अमेरिका के खिलाफ एक क्रूर, एकतरफा युद्ध छेड़ा है, जिसके कारण U.S. को लगभग आधी सदी बाद कार्रवाई करनी पड़ी।"

क्या ईरान के अंदर सेना भेजेगा अमेरिका?

यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका के सैनिक जमीन पर हैं, हेगसेथ ने कहा 'नहीं', लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ऑपरेशन जारी रहने पर अमेरिका क्या कर सकता है। हेगसेथ ने कहा कि ट्रंप यह पक्का करते हैं कि देश के दुश्मनों को पता हो कि अमेरिका अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने आरोप लगाया गया कि ईरान अपने न्यूक्लियर ब्लैकमेल के इरादों के लिए एक पारंपरिक ढाल बनाने के लिए ताकतवर मिसाइलें और ड्रोन बना रहा था। ट्रंप ने पहले भी ईरान के न्यूक्लियर इरादों की ओर इशारा करते हुए बताया था कि वह क्यों चाहते थे कि अमेरिका ईरान पर हमला करे। हेगसेथ ने यह भी कहा कि यह युद्ध सरकार बदलने के बारे में नहीं था। हेगसेथ ने कहा, "यह तथाकथित सरकार बदलने का युद्ध नहीं है, लेकिन सरकार जरूर बदली है, और इससे दुनिया बेहतर हुई है।"

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'एक रात में होने वाला ऑपरेशन नहीं'

वहीं, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिका को इस युद्ध में और नुकसान की उम्मीद है। उनकी यह बात अमेरिका के चार सर्विस मेंबर्स के मारे जाने के बाद आई है। उन्होंने ब्रीफिंग के दौरान रिपोर्टर्स से कहा, "यह कोई एक रात में होने वाला ऑपरेशन नहीं है। CENTCOM को जो मकसद दिए गए हैं, वे मुश्किल हैं और इसमें वक्त लग सकता है। हमें और नुकसान होने की उम्मीद है।"

उन्होंने ये भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को दोपहर 3:38 बजे ET पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लिए “गो ऑर्डर” दिया। उन्होंने कहा कि CENTCOM को वॉर सेक्रेटरी के जरिए ट्रंप का ऑर्डर मिला। केन के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को मंजूरी मिल गई है। इसे रोका नहीं जाएगा। गुड लक।" इसके बाद ऑपरेशन शनिवार को लोकल टाइम के हिसाब से सुबह 9:45 बजे शुरू हुआ।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 2 March 2026 at 19:43 IST