भारत के खिलाफ साजिश या पाकिस्तान प्रेम... ट्रंप ने अपने 'दोस्त' को क्यों बनाया दिल्ली में अमेरिकी राजदूत? समझिए जयशंकर से मुलाकात के मायने
भारत में अमेरिका के नए राजदूत-नामित सर्जियो गोर दिल्ली पहुंचे। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की वजह से अमेरिका और भारत के रिश्ते में खटास आ गई है। इस बीच भारत में अमेरिका के नए राजदूत-नामित सर्जियो गोर दिल्ली पहुंचे। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। हालांकि, अभी उन्होंने अपना पद ग्रहण नहीं किया।
आपको बता दें कि सर्जियो गोर ट्रंप के इतने वफादार हैं कि एक बार ट्रंप ने खुद कह दिया था कि वो उनके दोस्त हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति उनपर आंख बंद करके भरोसा कर सकते हैं।
सर्जियो गोर की नियुक्ति का सबसे पड़ा प्वॉइंट ये है कि उनपर भारत के अलावा दक्षिण और मध्य एशियाई देशों की देखरेख करने की भी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में उनकी नियुक्ति को ट्रंप के नए-नए पाकिस्तान प्रेम के एंगल से भी देखा जा रहा है। सवाल ये है कि ट्रंप ने अपने दोस्त को भारत क्यों भेजा है?
कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप की नजर
सर्जियो गोर की नियुक्ति को लेकर जानकारों की अलग-अलग राय है। कुछ लोग समझते हैं कि इससे भारत और अमेरिका के संबंध बेहतर होंगे। वहीं, अन्य लोगों का मानना है कि पाकिस्तान के साथ उनकी करीबी भारत के साथ संबंधों पर असर डाल सकती है।
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इसके अलावा, पाकिस्तान ने लगातार ट्रंप को कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करने की मांग की है। ऐसे में गोर की भारत-पाकिस्तान के बीच उपस्थिति से कश्मीर मुद्दे पर विवाद बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। आपको बता दें कि भारत ने साफ कहा है कि वो कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।
जयशंकर से मुलाकात के क्या मायने?
अमेरिकी दूतावास ने अभी तक ये साफ नहीं किया है कि सर्जियो गोर अपना कार्यभार कब संभालेंगे। वो अमेरिकी उप सचिव माइकल जे. रिगास के साथ 6 दिनों के दौरे पर भारत आए हैं। इस दौरान उन्होंने विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी मुलाकात की है।
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- ट्रंप के चीन पर 130 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट्स को लेकर भारत से नई शर्तों पर बात की है। इसमें ये बताया गया है कि रेयर अर्थ मैग्नेट्स किसी भी सूरत में अमेरिका तक नहीं पहुंचना चाहिए। ऐसे में इस मुद्दे पर गोर भारत को मनाने की कोशिश कर सकते हैं।
- इसके अलावा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ और रूस के साथ तेल व्यापार को लेकर भी बात हो सकती है और गोर भारत को रूस के साथ संबंध तोड़ने के मुद्दे पर मनाने की कोशिश कर सकते हैं।
- दूसरी तरफ ये भी माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को कैसे सुधारा जाए, व्यापार को कैसे बढ़ाया जाए, इस मुद्दे पर भी गोर अपनी रणनीति के साथ भारत आए हैं ताकि कार्यभार ग्रहण करने से पहले वो भारत की मंशा को भांप सकें।