'अमेरिका में भी मूर्ख लोग हैं जो...', क्या रूबियो ने ट्रंप को कहा 'मूर्ख'? भारत को 'नरक' बताने वाले सवाल पर उलझे तो जयशंकर भी रह गए भौचक्का

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका का एक मेहमाननवाज देश के तौर पर जोरदार बचाव किया। उन्होंने अमेरिका में भारतीयों को निशाना बनाने वाली नस्लभेदी टिप्पणियों को "बेवकूफ लोगों" की हरकतें बताकर खारिज कर दिया।

S Jaishankar-Rubio
S Jaishankar-Rubio | Image: X/AP

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को अमेरिका का एक मेहमाननवाज देश के तौर पर जोरदार बचाव किया। उन्होंने अमेरिका में भारतीयों को निशाना बनाने वाली नस्लभेदी टिप्पणियों को "बेवकूफ लोगों" की हरकतें बताकर खारिज कर दिया।

नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, रूबियो अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लवाद पर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। रूबियो ने कहा कि वह ऐसी चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुछ लोगों द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियां अमेरिका के मूल्यों को नहीं दर्शातीं।

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या रूबियो ने इशारों-इशारों में ट्रंप को 'मूर्ख' कह दिया? क्योंकि वो ट्रंप ही थे, जिन्होंने भारत को नरक का द्वार कहा था।

क्या बोले रूबियो?

रूबियो ने कहा, "मुझे नहीं पता कि इस पर कैसे प्रतिक्रिया दूं, लेकिन मैं इसे बहुत गंभीरता से लूंगा। मुझे यकीन है कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर टिप्पणियां की हैं, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं। मुझे यकीन है कि यहां भी बेवकूफ लोग हैं, और अमेरिका में भी बेवकूफ लोग हैं जो हर समय बेवकूफी भरी टिप्पणियां करते रहते हैं।"

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उन्होंने आगे कहा, "मैं आपको इसके अलावा और क्या बताऊं कि अमेरिका एक बहुत ही मेहमाननवाज देश है।" रूबियो ने अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था में आप्रवासियों, जिनमें भारतीय मूल के लोग भी शामिल हैं, के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "हमारा राष्ट्र उन लोगों से समृद्ध हुआ है जो हमारे देश में आए हैं और अमेरिकी बन गए हैं, हमारी जीवनशैली में घुलमिल गए हैं, और अपना योगदान दे रहे हैं।"

अमेरिका में भारतीय समुदाय द्वारा निभाई गई आर्थिक भूमिका को स्वीकार करते हुए, रूबियो ने टिप्पणी की, "मैं आपकी उस बात से सहमत हूं जो आपने अभी-अभी अमेरिका की अर्थव्यवस्था में भारतीयों के योगदान के बारे में कही, जो 20 अरब डॉलर से भी ज्यादा है।" उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि यह आंकड़ा लगातार बढ़ता रहे।"

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जयशंकर के साथ वार्ता

इससे पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में रूबियो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जो अमेरिका-भारत के बीच चल रही उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत का एक अहम हिस्सा थी। इस बैठक में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जयशंकर के साथ विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे, जबकि रूबियो के साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य थे।

बैठक के दौरान, रूबियो ने अपनी यात्रा के पहले दिन को "शानदार" बताया और इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि "रणनीतिक सहयोगी" हैं। उन्होंने कहा कि यही "रणनीतिक साझेदारी" अमेरिका-भारत के रिश्तों को सबसे अलग बनाती है। उन्होंने आगे कहा कि यह "दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में वैश्विक स्तर पर सहयोग करने के अवसरों तक फैली हुई है।" 

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Published By :
Kunal Verma
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