अपडेटेड 6 February 2026 at 07:09 IST

US-Iran Meeting: टलेगा जंग का खतरा या फिर...? ओमान में अमेरिका-ईरान के बीच अहम बैठक, ट्रंप ने दी खामेनेई को चेतावनी

US-Iran meeting in Oman: जंग के साए के बीच शुकवार, 6 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में एक अहम बैठक होने जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें हैं। हालांकि बातचीत के एजेंडे को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं।

Iran-US Meeting in Oman
अमेरिका और ईरान की अहम बैठक | Image: X

Iran-US Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार (6 फरवरी) को ओमान में एक अहम बैठक होने जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह बैठक ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन और इस बीच अमेरिका की ओर से लगातार दी जा रही धमकियों के बीच हो रही है। इस बैठक से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता को "बहुत चिंतित होना चाहिए" क्योंकि दोनों देश परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

पहले यह बैठक तुर्की की राजधानी अंकारा में होनी थी, लेकिन बाद में ईरान ने मीटिंग ओमान में करने को कहा, जिसे अमेरिका ने  मान गया है।

ओमान में ईरान-अमेरिका की अहम बैठक

शुक्रवार (6 फरवरी) को होने वाली इस मीटिंग में ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर चर्चा की जानी है। इस बैठक की मेजबानी ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी करेंगे। इसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका की ओर से जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल होंगे।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार (5 फरवरी) देर रात इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बैठक अब मस्कट में होगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अमेरिका के साथ परमाणु बातचीत शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे मस्कट में होगी।' बैठक के आयोजन के लिए उन्होंने ओमान का धन्यवाद भी किया।

Advertisement

बार-बार चेतावनी दे रहे हैं ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक "बुरी चीजें" हो सकती हैं। अमेरिकी ने पश्चिम एशिया में अपने विमान वाहक और अन्य सैन्य ताकतें भी भेजी हैं।

सिर्फ न्यूक्लियर प्रोगाम पर बातचीत चाहता है ईरान

दोनों पक्ष एजेंडा को लेकर असहमत हैं। ईरान सिर्फ न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बात करना चाहता है। उसकी ओर से साफ किया गया है कि  वह अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों या इलाके से जुड़े दूसरे मुद्दों पर बात नहीं करेगा। जबकि अमेरिका चाहता है कि बातचीत का दायरा बड़ा हो।

Advertisement

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस बैठक पर दुनिया की नजरें हैं। अगर वार्ता नाकाम होती है, तो पश्चिम एशिया के कई देशों पर संकट गहरा सकता है। ईरान को सीधे संघर्ष का सामना कर सकता है। साथ ही उसके ऊपर आर्थिक और सैन्य दबाव भी बढ़ सकता है। 

यह भी पढ़ें: जिनपिंग ने पहले पुतिन को किया वीडियो कॉल फिर डोनाल्ड ट्रंप को घुमाया फोन... भारत के टैरिफ में कटौती के बाद क्या खेला कर रहा ड्रैगन?

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 6 February 2026 at 07:09 IST