"अमेरिकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह बिखर जाएगी", जियोपॉलिटिकल रिस्क एडवाइजर ने ट्रंप को चेताया, कहा- "युद्ध एक गलती थी"

कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने चेतावनी दी है कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप ब्याज दर बढ़ाते हैं तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह ढह सकती है। ईरान संघर्ष के कारण महंगाई तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को वास्तविकता स्वीकार कर ईरान युद्ध तुरंत रोक देना चाहिए, वरना अर्थव्यवस्था और ट्रंप की छवि दोनों को भारी नुकसान होगा।

US economy could collapse if Trump raises interest rates Colonel Douglas MacGregor
जियोपॉलिटिकल रिस्क एडवाइजर ने ट्रंप को चेताया | Image: ANI

अमेरिका अभी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया बैठक में भी इस पर कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। इस लड़ाई के कारण न सिर्फ दुनिया, बल्कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ रहा है।

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल महीने में अमेरिका में महंगाई तीन साल के सबसे तेज रफ्तार से बढ़ी है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने इसे और बदतर बनाया है। आम लोगों की कमाई घट रही है और खर्च करने की क्षमता कम हो रही है।

जियोपॉलिटिकल रिस्क एडवाइजर कर्नल डगलस मैकग्रेगर (रिटायर्ड) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हैं, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह सकती है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को वास्तविकता का सामना करना चाहिए और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को तुरंत खत्म कर देना चाहिए।

"युद्ध एक गलती थी"

मैकग्रेगर ने कहा कि अप्रैल में अमेरिका में मुद्रास्फीति (Inflation) 3.2% से बढ़कर 3.8% हो गई है। जुलाई-अगस्त तक यह 5-6% तक पहुंच सकती है। सामान्य स्थिति में मुद्रास्फीति को काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन इस बार ऐसा करना अमेरिका के लिए घातक साबित हो सकता है। कर्नल मैकग्रेगर ने स्पष्ट शब्दों में कहा-

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"ट्रंप ब्याज दर नहीं बढ़ा सकते क्योंकि इससे पूरा वित्तीय सिस्टम चरमरा जाएगा। उन्हें वास्तविकता स्वीकार करनी होगी कि ईरान पर हमला एक बुरी सोच थी। हमने यह नहीं समझा था कि हम किससे टकरा रहे हैं।"

मैकग्रेगर ने ईरान पर अमेरिका के हमले की तुलना 1941 में जर्मनी के सोवियत संघ पर हमले से की। उनका कहना है कि ट्रंप ने भी दुश्मन की ताकत को कम आंका है। अब स्थिति बहुत मुश्किल हो गई है। उन्होंने कहा कि हिटलर ने भी दुश्मन की ताकत को कम आंका था, ठीक वैसे ही अमेरिका ने भी ईरान के मामले में गलती की है।

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आर्थिक संकट के संकेत

  • अप्रैल में अमेरिकी परिवारों की डिस्पोजेबल इनकम लगातार तीसरे महीने घटी है।
  • ऊर्जा कीमतों में तेजी से मुद्रास्फीति बढ़ रही है।
  • उपभोक्ता खर्च पर दबाव बढ़ रहा है।

"हम इजराइल की लड़ाई लड़ रहे हैं"

मैकग्रेगर का कहना है कि अमेरिका फिलहाल इजराइल की लड़ाई लड़ रहा है, जो उसके अपने राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है। उनका मानना है कि फारस की खाड़ी में अमेरिका का एकमात्र हित तेल और वाणिज्यिक आवागमन को सुचारू रखना था। अब यह युद्ध उस उद्देश्य को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

"ट्रंप दबाव में हैं"

उन्होंने इजराइल के मजबूत लॉबी और न्यूयॉर्क-वॉशिंगटन-लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रभाव का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि ट्रंप इस लॉबी के दबाव में हैं और सार्वजनिक रूप से युद्ध खत्म करने की घोषणा करने में हिचकिचा रहे हैं।

कर्नल मैकग्रेगर ने कहा कि ट्रंप के पास अब बहुत कम विकल्प बचे हैं। अगर वे युद्ध जारी रखते हैं तो अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी, और अगर रोकते हैं तो राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। वर्तमान स्थिति में पश्चिम एशिया का संघर्ष न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है।

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Published By:
 Sagar Singh
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