ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाज पर किया ड्रोन हमला, आगबबूला हुए डोनाल्ड ट्रंप; बोले- बेहद महंगा था वो शिप, हमने भी...

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया, जिसे उन्होंने सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन बताया।

Trump claims 19 million barrels of oil moved through Hormuz; Iran ready for high-level nuclear inspections.
डोनाल्ड ट्रंप | Image: AP

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया, जिसे उन्होंने सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन बताया।

अपने 'ट्रुथ सोशल' अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक बयान में ट्रंप ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि एक ड्रोन एक बड़े और महंगे कार्गो जहाज के ऊपरी डेक से टकराया।

उन्होंने लिखा, "नुकसान तो हुआ, लेकिन जहाज अपना सफर जारी रखने में कामयाब रहा।" राष्ट्रपति के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बाकी तीन ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोककर मार गिराया।

ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने पोस्ट किया, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार 'वन-वे अटैक ड्रोन' से हमला किया।" उन्होंने कहा, "जाहिर है, यह हमारे सीजफायर समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है।"

Advertisement

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए एक बहुत अहम रास्ता है, लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का केंद्र रहा है। यह ड्रोन हमला ऐसे समय में हुआ है जब सीजफायर समझौते के बाद इलाके में नाजुक स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक कोशिशें चल रही हैं।

बातचीत जारी रहने के बीच तनाव चरम पर

शुरुआती रिपोर्टों में ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई तुरंत पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं मिली। अमेरिकी रक्षा और समुद्री अधिकारियों ने अभी तक इस घटना पर कोई स्वतंत्र बयान जारी नहीं किया है।

Advertisement

बातचीत जारी रहने के बीच तनाव बना हुआ है, और ताजा घटनाक्रम यह दिखाता है कि सीजफायर कितना नाजुक है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक पर संभावित असर को देखते हुए, शिपिंग कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय साझेदार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

ये भी पढ़ेंः राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का कैसे हुआ खुलासा? कितना कैश हुआ चोरी

Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड