US Pilot Rescue: ईरान में फंसे पायलट को बचाने के लिए ट्रंप ने कराया सबसे खतरनाक ऑपरेशन, जिसकी दुनिया में हो रही चर्चा, खर्च जानकर उड़ जाएंगे होश
अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान की की धरती पर CSAR मिशन को पूरा करते हुए, अपने लापता पायलट को सुरक्षित वापस ले आए। मगर क्या आपको अंदाजा है कि इस ऑपरेशन के लिए ट्रंप ने कितने हजार करोड़ रुपए खर्च किए है। आईए जानते हैं
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 4 min read

अमेरिका ने ईरान में जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और F-15E फाइटर प्लेने के लापता पायलट को भारी गोलीबारी के बीच सुरक्षित बचाकर वापस ले आया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस ऑपरेशन के सफल होने की जानकारी दी और अमेरिकी सेना का पीठ भी थपथपाया। इजरायल ने भी अमेरिका के इस खतरे भरे ऑपरेशन के सफल होने पर बधाई दी। मगर अमेरिका ने इस रेस्क्यू के लिए कितनी भारी कीमत चुकाई, इसका अंदाया शायद हो आप लगा पाएं। आईए जानते अमेरिका ने CSAR मिशन के लिए कितने करोड़ खर्च किए।
अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान की की धरती पर कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू (CSAR) मिशन को पूरा करते हुए, अपने लापता पायलट को सुरक्षित वापस ले आए। ईरान द्वारा गिराए गए F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने दुश्मन के इलाके में घुसकर भारी संघर्ष के बीच सुरक्षित निकाल लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साहसी ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा, "हमने उसे बचा लिया!"
कैसे हुई घटना की शुरुआत
घटना की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी F-15E जेट को ईरान ने निशाना बनाया। विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे। एक पायलट तुरंत सुरक्षित निकलने में सफल रहा, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर (विपणन प्रणाली अधिकारी) लापता हो गया। ईरानी क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) और स्थानीय मिलिशिया समूहों ने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी। ईरान ने सरकारी मीडिया के माध्यम से 50 लाख का इनाम भी घोषित किया, ताकि पायलट को जिंदा पकड़कर अमेरिका पर दबाव बनाया जा सके।
पायलट की तलाशी के लिए ईरान ने भी चलाया ऑपरेशन
अमेरिका के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील थी, क्योंकि यदि पायलट ईरानी हाथों में चला जाता तो राजनैतिक और सैन्य रूप से बड़ा दबाव बन सकता था। इधर ईरान में पायलट की तलाशी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा था। इस बीच अमेरिका सेना अपना ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज की रेस्क्यू टीम पायलट तक पहुंचने के लिए ईरान की धरती पर उतरी, उन पर भारी गोलीबारी होने लगी। लेकिन, इसका सामना करते हुए दूसरे पायलट को सुरक्षित रूप से ईरान से निकाल लिया गया। बचाया गया पायलट अमेरिकी एयरफोर्स में वेपन सिस्टम्स ऑफिसर बताया जा रहा है।
Advertisement
अमेरिकी सेना ने जोखिम भरे मिशन को दिया अंजाम
अमेरिकी सेना ने तुरंत CSAR मिशन शुरू किया, जो दुनिया के सबसे कठिन सैन्य अभियानों में से एक माना जाता है। इसमें दुश्मन क्षेत्र में घुसकर अपने सैनिक को बचाना शामिल होता है। ऑपरेशन में दर्जनों ट्रांसपोर्ट विमान, हेलीकॉप्टर और स्पेशल फोर्सेज की टीमों को लगाया गया। सूत्रों के अनुसार, रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी ईरानी हमला हुआ, जिसमें कुछ सैनिक घायल हुए। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रेस्क्यू टीम को भारी गोलीबारी का सामना करना पड़ा।
ऑपरेशन के लिए खर्च किए इतने हजार करोड़
कुछ विमान तकनीकी कारणों से फंस गए, जिसके बाद अमेरिका ने तुरंत अतिरिक्त विमान भेजे। खराब हो चुके विमानों को दुश्मन के हाथ लगने से पहले नष्ट कर दिया गया। इस जोखिम भरे मिशन में अमेरिका को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा। एक C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों का नुकसान हुआ, जिनकी अनुमानित कीमत करीब दो हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके बावजूद मिशन सफल रहा और लापता क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
Advertisement
राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना की थपथपाई पीट
ईरान की ओर से अभी तक इस बचाव अभियान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि करते हुए अमेरिकी फौज की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी सैनिकों की वीरता और पेशेवर क्षमता का शानदार उदाहरण है। दोनों क्रू मेंबर अब सुरक्षित हैं, हालांकि एक घायल बताया जा रहा है।