Iran-Israel War: मेरे प्रिय मित्र..., ईरान जंग के बीच नेतन्याहू ने ट्रंप को मिलाया फोन, जानें अमेरिका के किस कदम को बताया साहसिक फैसला
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की है। उन्होंने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है। जानें अमेरिका के किस साहसिक काम की नेतन्याहू ने तारीफ की है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका ने युद्ध क्षेत्र से अपने पायलट को सुरक्षित बचा लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की और इस कदम को बेहद साहसिक बताया। नेतन्याहू ने इस बातचीत की जानकारी अपने X पोस्ट के जरिए दी। ईरान में लड़ाकू विमान F-15 E के गिरने के बाद अमेरिका के लिए अपने पायलट को बचाना बड़ी चुनौती बन गई थी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ने रविवार को इस बात की जानकारी दी कि अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने पायलट को सुरक्षित बचा लिया है। शुक्रवार को ईरान में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15 E गिरने के बाद पायलट को पकड़ने के लिए जैसे एक रेस शुरू हो गई। मगर अमेरिका अपने पायलट को जंग के क्षेत्र से सुरक्षित बचाकर निकाल लिया। अब इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने इस सफलता के लिए ट्रंप और अमेरिका सेना को बधाई दी है।
नेतन्याहू ने बताया ट्रंप से क्या हुई बातचीत?
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया, "मैंने कुछ देर पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की और दुश्मन के इलाके से गिराए गए पायलट को बचाने के उनके साहसी फैसले तथा बेहद शानदार तरीके से अंजाम दिए गए अमेरिकी मिशन के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। राष्ट्रपति ट्रंप ने बचाव अभियान के दौरान इजरायल की मदद के लिए अपनी सराहना व्यक्त की।"
अमेरिकी सेना की नेतन्याहू ने की तारीफ
उन्होंने आगे कहा, "मुझे इस बात पर गर्व है कि युद्ध के मैदान के अंदर और बाहर हमारा सहयोग अभूतपूर्व है, और यह कि इजरायल एक बहादुर अमेरिकी योद्धा की जान बचाने में योगदान दे सका।"
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कैसे फंसे थे ईरान में पायलट
बता दें कि ईरानी बलों ने शुक्रवार में इस्फहान क्षेत्र में एक अमेरिकी F-15 स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को मार गिराया था। विमान के दो क्रू मेंबर्स ने इजेक्ट कर अपनी जान बचाई, लेकिन एक (विपणन प्रणाली अधिकारी, कर्नल रैंक) ईरानी क्षेत्र में फंस गया। अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज ने जोखिम भरे मिशन में उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पायलट घायल हुआ, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मिशन में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ।
ट्रंप ने पूरे मिशन पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि सेना ने F-15 विमान के दूसरे क्रू सदस्य को भी बचा लिया है, जो ईरान द्वारा विमान को मार गिराए जाने के बाद लापता हो गया था। Truth Social पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने इसे अमेरिकी सेना का "अब तक का सबसे साहसी" खोज और बचाव अभियान बताया, और कहा कि सरकार "किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेगी"। उन्होंने यह भी बताया कि क्रू मेंबर को चोटें आई हैं। "हमने उसे बचा लिया!