अमेरिका-ईरान में फिर तनाव: अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर किया हमला, ईरान ने भी किया पलटवार
अमेरिका ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए। यह होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा साइप्रस जहाज पर हमले के जवाब में था। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और जॉर्डन पर हमले किए। अमेरिका ने ईरान के करीब 140 ठिकानों को निशाना बनाया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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रविवार को अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिका का कहना है कि यह हमला ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमले के जवाब में किया गया। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हमला किया था। जहाज के इंजन रूम में काफी नुकसान हुआ, जहाज में आग लग गई और चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। ओमान की मदद से 23 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया, लेकिन एक भारतीय नाविक अभी भी लापता है। भारत और ओमान मिलकर उसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान का दावा है कि जहाज ने चेतावनी के बावजूद तय मार्ग का पालन नहीं किया।
इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने वाली जगहें, गोला-बारूद के भंडार और संचार उपकरण शामिल थे। हमले दक्षिणी ईरान और तेहरान के पास के इलाकों में किए गए। अमेरिका का मकसद ईरान की क्षमता को कमजोर करना था।
ईरान ने कैसे दिया जवाब?
ईरान ने अमेरिकी हमले का जवाब देते हुए कई मध्यपूर्वी देशों पर हमले किए। इनमें बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और जॉर्डन शामिल हैं। कतर में ईरानी हमले को रोक लिया गया, लेकिन आसपास के इलाकों में विस्फोट की आवाजें आईं। पड़ोसी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी सायरन बज उठे, हालांकि मिसाइलें UAE की सीमा में नहीं घुसीं।
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कतर में गिरे मलबे से तीन लोग घायल हो गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। ओमान में ड्रोन हमले हुए, जिसके बाद वहां शेल्टर-इन-प्लेस (घर में रहने) की चेतावनी जारी की गई। जॉर्डन में तीन ईरानी मिसाइलें गिरीं, लेकिन मामूली नुकसान हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अभी के लिए बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि उसका पहला हमला चेतावनी के तौर पर था। अब वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक बंद रखेगा जब तक आगे कोई फैसला नहीं होता।
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ईरान ने खाई है कमस
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, “ईरान ने गलत फैसला लिया। अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।” दूसरी तरफ ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामनेई ने बदला लेने की कसम खाई है।
28 फरवरी को हुई शुरुआत
फरवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा था। जून 2026 में दोनों देशों के बीच 60 दिनों का अंतरिम सीजफायर हुआ था, ताकि स्थायी शांति की बातचीत हो सके। जो अब अधर में लटक गई लगती है। युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसमें ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान इस पर अपना नियंत्रण चाहता है, जबकि अमेरिका मुक्त अंतरराष्ट्रीय पहुंच की मांग कर रहा है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने कहा, “एकतरफा समझौतों का युग खत्म हो गया है... हमने आपको कहा था अपनी बात रखो या कीमत चुकाओ।” ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने की कसम खाई है।