‘अगर कोई भारत पर हमला करता है, तो…’, द्विपक्षीय बैठक में भारत-US डिफेंस रिश्तों पर बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
फ्रांस के एवियन में जी7 समिट के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। ट्रंप ने बड़ा वादा करते हुए कहा कि यदि PM मोदी के रहते भारत पर हमला हुआ तो बिना किसी लिखित समझौते के भी अमेरिका भारत की मदद के लिए खड़ा रहेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi-Trump Bilateral Meeting: फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट के इतर बुधवार, 17 जून 2026 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई।
शाम करीब साढ़े सात बजे शुरू हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच भारत और अमेरिका के रणनीतिक व रक्षा संबंधों को लेकर बेहद गंभीर चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने PM मोदी और भारत की सुरक्षा को लेकर एक ऐसा ऐतिहासिक और बड़ा वादा किया।
भारत के साथ खड़ा रहेगा अमेरिका
भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रक्षा रिश्तों पर खुलकर बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच यह एक बहुत ही शानदार और मजबूत रिश्ता है। अगर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत पर कभी भी कोई बाहरी हमला होता है, तो अमेरिका पूरी ताकत के साथ भारत की मदद के लिए आगे आएगा और उसके साथ खड़ा रहेगा।
PM नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि भले ही दोनों देशों के बीच इस तरह की मदद को लेकर पहले से कोई लिखित रक्षा समझौता न हुआ हो, फिर भी अमेरिका अपनी भूमिका निभाएगा। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर भारत में नरेंद्र मोदी की जगह कोई दूसरा नेता प्रधानमंत्री पद पर होता है, तो वह ऐसी स्थिति में अमेरिकी मदद को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कह नहीं सकते।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी हुई चर्चा
इस द्विपक्षीय बैठक के बाद आयोजित की गई संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान दोनों वैश्विक नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और समुद्री सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तैनात लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया।
इस पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस बारे में सुना है और यह वाकई एक बहुत ही मुश्किल पेशा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिकी प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता को देख रहा है।
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पश्चिम एशिया में शांति समझौते से उम्मीदें
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बढ़ाए गए शांति समझौते के कदमों की सराहना की। PM मोदी ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित इस शांति समझौते को जब अंतिम रूप दिया जाएगा, तब उसमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नाविकों की सुरक्षा के मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।