अपडेटेड 14 March 2026 at 07:40 IST
तेल की कीमत में आएगी बड़ी उछाल, कंट्रोल के बाहर हो जाएंगे दाम; खर्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद दुनियाभर में बढ़ी चिंता
अमेरिकी ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर हमला करके बड़ी गलती कर दी है। जानकारों का मानना है कि इससे ईरान भी अब एनर्जी सेक्टर्स की कंपनियों पर हमला करना शुरू कर देगा, जिससे तेल की कीमत आउट ऑफ कंट्रोल हो जाएगी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर हमला करके बड़ी गलती कर दी है। जानकारों का मानना है कि इससे ईरान भी अब एनर्जी सेक्टर्स की कंपनियों पर हमला करना शुरू कर देगा, जिससे तेल की कीमत आउट ऑफ कंट्रोल हो जाएगी।
आपको बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खर्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर एक जबरदस्त बमबारी की है। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन ने द्वीप पर मौजूद हर सैन्य ठिकाने को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।
ईरान ने भी दी है धमकी
ईरानी सशस्त्र बलों का कहना है कि ईरान के तेल और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी हमले का जवाब, इस क्षेत्र में अमेरिका के साथ सहयोग करने वाली तेल कंपनियों के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करके दिया जाएगा। यह जानकारी ईरानी मीडिया की रिपोर्टों में सामने आई है।
यह चेतावनी तब आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के मुख्य तेल केंद्र 'खर्ग द्वीप' पर स्थित सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। आपको बता दें कि खर्ग द्वीप ईरानी तट से कुछ दूरी पर स्थित जमीन का पांच मील लंबा एक हिस्सा है, जहां से देश के लगभग 90% कच्चे तेल का निर्यात होता है।
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इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर क़ालिब्फ ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर फारसी खाड़ी में मौजूद ईरानी द्वीपों के खिलाफ अमेरिका की तरफ से कोई भी आक्रामकता दिखाई गई, तो देश संयम की सारी सीमाएं तोड़ देगा।
जानकारों को सता रही चिंता
एक रिटायर्ड सेना अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि "खर्ग आइलैंड पर हमला करके हमने इस युद्ध में दांव को काफी बढ़ा दिया है। यह अब सिर्फ 'सेना को हटाना, सरकार को हटाना' तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब हम इस देश की आर्थिक जीवनरेखा को ही खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।"
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उन्होंने कहा कि अमेरिका इस द्वीप को बंधक बनाकर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को गुजरने दे, जिसके बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। हालांकि, अगर उस तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाता है, तो यह साफ है कि ईरान मध्य पूर्व के बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करेगा। और उस समय, तेल की कीमतें पूरी तरह से बेकाबू हो जाएंगी।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 14 March 2026 at 07:40 IST