Middle-East War End Plan: अमेरिका ने ईरान को भेजी 15 शर्तें... अगर मान गए तो युद्ध खत्म, इजरायल बोला- 'हम बातचीत का हिस्सा नहीं'
अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेजी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के जरिए ये प्रस्ताव भेजा गया। वहीं इजरायल ने कहा- हम इस बातचीत का हिस्सा नहीं है। ट्रंप का ये मास्टर प्लान कामयाब हो जाता है को युद्धविराम की उम्मीद की जा सकती है। जानें क्या है कुछ शर्दें रखी गई है? पढ़ें पूरी खबर।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Middle-East War End Plan: अमेरिका ने ईरान को मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक 15 सूत्रीय शांति योजना भेजी है। एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से पहुंचाया गया, जहां पाकिस्तानी सेना प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों के मुतबिक, ट्रंप प्रशासन युद्ध के आर्थिक प्रभावों से जूझते हुए जल्द से जल्द इस संघर्ष को समाप्त करने का रास्ता निकालना चाहता है।
विदेशी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान एक महीने के युद्धविराम की घोषणा कर सकते हैं, जिस दौरान इन 15 सूत्रीय योजना पर विस्तृत बातचीत होगी।
शांति योजना के मुख्य प्वाइंट
- ईरानी धरती पर किसी भी प्रकार का यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करना और मौजूदा संवर्धित सामग्री को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में सौंपना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित करना, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक-पांचवां हिस्सा प्रभावित हो रहा है।
- ईरान द्वारा क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन बंद करना।
- बदले में ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।
- ईरान को बुशहर जैसे स्थानों पर नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अंतरराष्ट्रीय सहायता प्रदान की जा सकती है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने किया इनकार
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, ‘हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कही गई उस बात को नकारते हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है।’
वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल
हाल ही में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आंशिक नाकाबंदी लगाई थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल देखा गया। इस योजना के मुताबिक नाकाबंदी हटाने के एवज में प्रतिबंधों में राहत का प्रावधान रखा गया है। बतादें व्हाइट हाउस और अमेरिकी विदेश विभाग दोनों ने अभी तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इजरायल की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इजरायल इस प्रस्ताव से सहमत होगा। ये खबर मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर भारत जानता हैं कि क्षेत्र में कोई भी बदलाव तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। ऐसे में ये जानकारी सीधे तौर पर तेल की कीमतों में बदलाव ला सकता ही, इसलिए भारतियों के लिए भी ये जानकारी काफी जरूरी है।
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इजरायल ने कहा- हम बातचीत का हिस्सा नहीं
इस बीच इजरायल ने अमेरिका और ईरान के बीच किसी बातचीत का हिस्सा होने से इनकार किया है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली कथित बातचीत का हिस्सा नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के पत्रकारों से डैनन ने कहा कि अमेरिका, इजरायल के साथ ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमलों से काफी कुछ हासिल हुआ है, लेकिन सब कुछ नहीं।