US-Iran war: कब खत्म होगी अमेरिका-ईरान जंग? मार्को रुबियो का दावा- लक्ष्य हासिल करने के करीब, हफ्तों में...

War news: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि अमरेिका ईरान युद्ध को लेकर अपने तय लक्ष्यों को हफ्तों में पूरा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए जमीन पर सेना भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Marco Rubio
ईरान युद्ध पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो | Image: AP

US-Israel-Iran war news: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग को एक महीना पूरा होने को है। इस युद्ध के थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के हमलों से दहला ईरान भी लगातार जोरदार पलटवार कर रहा है और पीछे हटने को तैयार नहीं। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि अमेरिका की ईरान के साथ जारी जंग कब खत्म हो सकती है?

'जमीन पर सेना भेजने की भी जरूरत नहीं'

मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य हफ्तों में पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा है कि यह ऑपरेशन महीनों नहीं, बल्कि हफ्तों में खत्म हो सकता है। इसके लिए जमीन पर सेना भेजने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

ये बातें अमेरिकी विदेश मंत्री ने फ्रांस में G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद कही। उन्होंने कहा कि अपने तय लक्ष्यों को अमेरिका समय से पहले या उसके आसपास हासिल कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अमेरिकी सैनिकों को क्षेत्र में तैनात करना पड़ सकता है, जिससे जरूरत पड़ने पर ऑप्शन खुले रहें।

'होर्मुज में टोल वसूली बर्दाश्त नहीं'

जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव चरम पर है। ईरान ने कुछ देशों के लिए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर रखा है, जिससे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं, खबरें ये भी हैं कि ईरान की संसद इस बात पर विचार कर रही है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल (पैसा) लिया जाए। इस पर भी मार्को रुबियो का बयान आया। उन्होंने कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टोल सिस्टम लागू करने का फैसला कर सकता है, जो कि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Advertisement

भले ही अमेरिकी विदेश मंत्री ने जमीनी युद्ध से इनकार किया हो, लेकिन पेंटागन ने हजारों मरीन और एयरबोर्न सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजना शुरू कर दिया गया है। पहला बैच महीने के अंत तक जहाज के जरिए पहुंच भी सकता है।

युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन की ओर से पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। हालांकि तेहरान इन बातचीतों से इनकार कर चुका है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि हमलों के बीच बातचीत की बात अस्वीकार्य है और ईरान इसका भारी जवाब देगा।

Advertisement

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को बताया शांतिदूत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कहा 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप', फिर बोले- मेरे से गलती कम होती है
 

Published By :
Ruchi Mehra
पब्लिश्ड