डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को बताया शांतिदूत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कहा 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप', फिर बोले- मेरे से गलती कम होती है

US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट अब ईरानी आतंक और न्यूक्लियर ब्लैकमेल से मुक्त होने के करीब है।

Donald Trump
ईरान युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप | Image: X

Donald Trump news: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष दिन पर दिन और भयावह रूप लेता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर तीखी बयानबाजी की है। उन्होंने खुद को पीसमेकर बताया और दोबारा से शांति पुरस्कार का राग अलापा. इतना ही नहीं इस दौरान ट्रंप ने स्ट्र्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप ही बता दिया।

समझौते के लिए भीख मांग रहा ईरान- ट्रंप

ट्रंप मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया। साथ ही यह भी कहा कि ईरान प्रशासन उनसे समझौते के लिए भीख मांग रहा है।

अपने भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मिडिल ईस्ट अब ईरानी आतंक और न्यूक्लियर ब्लैकमेल से मुक्त होने के करीब है। मेरे नेतृत्व में अमेरिका ने इस खतरे को खत्म कर रहा है।

‘हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना’

उन्होंने कहा कि हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है, जिसे मैंने अपने पहले कार्यकाल में बनाया। हमारे पास ऐसे हथियार हैं जिन्हें किसी ने नहीं देखा और कुछ ऐसे भी हैं, जिनके बारे में सिवाय कुछ लोगों के कोई नहीं जानता। 47 साल तक ईरान को मिडिल ईस्ट का बुली माना जाता था, लेकिन अब वह भाग रहा है।

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ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराना एक बड़ा पल बताया। उन्होंने कहा कि वह (सुलेमानी) बहुत ताकतवर था। मुझे लगता है ईरान का नेतृत्व भी इससे अंदर से खुश था, लेकिन वे ऐसा कहते नहीं।

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईरान अब डील के लिए गिड़गिड़ा रहा है। उन्हें स्ट्रेट ऑफ ट्रंप… मेरा मतलब होर्मुज खोलना होगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप बोलने के बाद ट्रंप ने कहा कि फेक न्यूज कहेगी कि मैंने गलती से यह नाम लिया।  मेरे साथ कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ, बहुत ज्यादा नहीं।

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सच में लगता है कि मैं शांतिदूत हूं- ट्रंप

ट्रंप ने फिर से खुद को शांतिदूत बताया। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरी पहचान एक महान पीसमेकर के तौर पर बने। मुझे सच में लगता है कि मैं शांतिदूत हूं। मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर किसी को कभी नहीं मिलेगा। मुझे यह नहीं मिला, और मुझे कोई हैरानी नहीं है।

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Published By :
Ruchi Mehra
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