उत्तर कोरिया ने ताबड़तोड़ दागी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, दुनिया भर में मचा हड़कंप, द. कोरिया-अमेरिका-जापान ने बुलाई आपात बैठक; युद्ध छेड़ेंगे किम जोंग?
यह मिसाइल हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में दिए गए उस निर्देश के बीच हुआ है जिसमें दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त 'उचली फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास को कम करने के लिए कहा गया है। यह कदम उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ कूटनीति फिर से शुरू करने के लिए परिस्थितियां बनाने के मकसद से उठाया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान अमेरिका युद्ध से पहले ही दुनिया परेशान है। युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सीजफायर के बाद भी होर्मुज पर अमेरिका ने नाकाबंदी कर रखी है, जबकि ईरान अपने नियंत्रण का दावा कर रहा है। उधर, कोरियाई प्रायद्वीप में उत्तर कोरिया के एक एक्शन से तनाव बढ़ गया है। उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग के आसपास कम दूरी की 10 बैलेस्टिक मिसाइलें दागी हैं। जिसके बाद दुनिया भर में हड़कंप मच गया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बड़ा गया है। किम जोंग के उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग के आसपास से पूर्वी सागर में कम दूरी की करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस घटना के बाद अफरातफरी में दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के वरिष्ठ राजनयिकों ने आपात बैठक बुलाई।
उत्तर कोरिया हुआ आक्रामक, दागी मिसाइलें
दक्षिण कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी योनहाप की एक रिपोर्ट के अनुसार ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा कि उसने गुरुवार को शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समय के अनुसार) प्योंगयांग क्षेत्र से दागी गई लगभग एक दर्जन छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया है। साथ ही कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से आगे का विश्लेषण चल रहा है।
जापान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, जापान के विदेश मंत्रालय के ऐशियाई और ओशिनियाई मामलों के ब्यूरो के उप महानिदेशक अरियोशी ताकाशी ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के कोरियाई प्रायद्वीप नीति के महानिदेशक बेक योंग-जिन और अमेरिकी विदेश विभाग के उप सहायक सचिव डेविड विलेजोल के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।
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संयुक्त बयान में कहा गया है कि उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि उत्तर कोरिया द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का उल्लंगन करते हैं और उत्तर कोरिया से ऐसे उकसावों को रोकने का आह्वान किया जो क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति और सुरक्षा को खतरे में डालते हैं।
जापान ने आक्रामक रवैए पर जताई कड़ी आपत्ति
क्योटो न्यूज के अनुसार, भारत दौरे पर आए जपान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी ने पत्रकारों को बताया कि टोक्यो ने प्योंगयांग के समक्ष कड़ा विरोध जताया है। कोइजुमी ने कहा, 'माना जा रहा है कि मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी हैं। हम विवरणों का विश्लेषण करने के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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तीनों सहयोगी देशों अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने उत्तर कोरिया की मिसाइल उकसावों से निपटने के लिए बनाए गए एक स्थापित त्वरित सूचना चैनल के माध्यम से खुफिया जानकारी साझा की।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद दागी मिसाइलें
बता दें कि यह मिसाइल हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में दिए गए उस निर्देश के बीच हुआ है जिसमें दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त 'उचली फ्रीडम शील्ड' सैन्य अभ्यास को कम करने के लिए कहा गया है। यह कदम उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ कूटनीति फिर से शुरू करने के लिए परिस्थितियां बनाने के मकसद से उठाया गया है।
ट्रंप के निर्देश पर उत्तर कोरिया ने क्या दिया जवाब
हालांकि प्योंगयांग ने इस कटौती को तुरंत खारिज कर दिया और आधिकारिक बयानों के माध्यम से कहा कि अभ्यास के पैमाने में बदलाव से अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन की मूलभूत 'आक्रामक प्रवृति' और 'शत्रुतापूर्ण नीति' में कोई बदलाव नहीं आएगा।
योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने किम के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है, जिनसे वह अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2018 और 2019 में तीन बार मिले थे।
ट्रंप के इस स्टेप के बाद भी उत्तर कोरिया के दनादन मिसाइलें दागने से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। दुनिया पहले से ही दो महायुद्ध की मार झेल रही है। एक रूस और य़ूक्रेन के बीच और दूसरा ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या किम जोंग दक्षिण कोरिया के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे हैं।