डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नाकेबंदी पर भड़के अराघची, कहा- ये 'आर्थिक आतंकवाद' दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा, क्या होगा ईरान का अगला कदम?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि तथाकथित इकोनॉमिक-डी-डे असल में अमेरिका के अपने संकट, बे हिसाब कर्ज और तेजी से बढ़ते ब्याज के खर्च से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकाबंदी को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी हो रही थी और तनाव था। ताजा घटना क्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आर्थिक नाकाबंदी करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी देश ईरान की वित्तीय या अन्य सहायता प्रदान करेगा उसे भयानक आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप के आर्थिक नाकाबंदी पर अब ईरान के विदेश मंत्री ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
ईरान अमेरिका युद्ध की चिंगारी फिलहाल शांत है लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जारी तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता जा रहा है। दोनों देश होर्मुज पर अपने-अपने नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अब तक की सबसे भीषण कार्रवाई की घोषणा कर दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी है कि ईरान को वित्तीय या किसी अन्य तरह की मदद करने वाले देश को भीषण आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट में कहा कि मुझसे अधिक किसी ने भी ईरान को समझौता करने का इतना बड़ा मौका नहीं दिया। दुर्भाग्य है कि वो इस मौके का फायदा उठाने में नाकामयाब रहा। इसलिए मैं किसी भी देश के खिलाफ अबतक की सबसे विनाशकारी आर्थिक कार्रवाई की घोषणा कर रहा हूं। यह बड़े पैमाने पर आर्थिक युद्द और अलगाव होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि उनकी नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायुसेना नष्ट हो गई है, उनके सैन्य कारखाने अब मलबे में तब्दील हो गए और उनकी मुद्रा बेकार हो गई है। उनका देश नाजुक स्थिति में है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा कि ईरान को वित्तीय, व्यापारिक, हवाई अड्डे या सरकारी सहायता प्रदान करने वाले किसी भी देश को भयानक आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
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आर्थिक नाकेबंदी पर ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि तथाकथित इकोनॉमिक-डी-डे असल में अमेरिका के अपने संकट, बे हिसाब कर्ज और तेजी से बढ़ते ब्याज के खर्च से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है।
उन्होंने आगे लिखा कि नाकाम नीतियों पर जोर देने से सिर्फ और सिर्फ हार ही मिलेगी और ईरानियों की दुश्मनी मोल लेनी पड़ेगी। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक नाकेबंदी को आर्थिक आतंकवाद बताते हुए लिखा कि ये आर्थिक आतंकवाद दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता के लिए खतरा है।
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ईरान का क्या होगा अगला कदम?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। ऐसे में अमेरिका के इस कदम से ईरान बौखला सकता है। अगर ईरान इसके जवाब में आक्रामक होता है तो वो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिक बेस पर फिर से मिसाइल अटैक कर सकता है। ऐसे में दुनिया के लिए फिर से युद्ध का संकट गहरा जाएगा और इसका असर तेल और ईंधन पर पड़ा सकता है।
हालांकि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप के आर्थिक नाकेबंदी का पोस्ट के जरिए जवाब तो दे दिया है। लेकिन कुछ दिन पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सीजफायर के दौरान ईरान ने सीजफायर के दौरान वापस मिसाइल क्षमता और सैन्य ताकत को मजबूत किया है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है।