US Iran War: फिर छिड़ेगा युद्ध? मियाद खत्म होने से पहले ट्रंप ने बनाया दबाव, पहले बम फोड़ने की धमकी और अब कहा- ईरान ने कई बार तोड़ा सीजफायर…
US Iran War 2026: अमेरिका-ईरान के बीच संघर्षविराम 22 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया है, जबकि इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता पर भी संशय बरकरार है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Iran US War: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बनी टेम्पररी सीजफायर की डोर अब टूटने की कगार पर है। बता दें, दोनों देशों के बीच हुआ 14 दिनों का संघर्षविराम (Ceasefire) बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाला है।
इस महत्वपूर्ण समय सीमा से ठीक पहले, दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक हलचल और सैन्य धमकियों का दौर तेज हो गया है। वहीं, इस्लामाबाद में शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शर्तों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।
'समझौता नहीं, तो दोबारा शुरू होगा युद्ध’
बता दें, 22 अप्रैल की आधी रात को सीजफायर समाप्त हो जाएगा। इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो संघर्ष दोबारा शुरू हो सकता है। 'ट्रुथ सोशल' पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर "कई बार सीजफायर का उल्लंघन" करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना अपनी कार्रवाई जारी रखने के लिए तैयार है। बता दें, ट्रंप ने पहले ही ईरान के पावर प्लांट्स और परमाणु बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिसे उन्होंने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के तहत "पूर्ण विनाश" बताया है।
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ईरान अपने नए दांव खेलने को तैयार
दूसरी ओर ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह "धमकियों के साये में" बातचीत नहीं करेगा। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और युद्ध के मैदान में अपने नए दांव खेलने के लिए तैयार है।
इस्लामाबाद वार्ता में सुलझेगा संकट?
शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा दौर प्रस्तावित है। हालांकि, इसकी सफलता पर गहरे बादल छाए हुए हैं, क्योंकि कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जेडी वेंस और जेरेड कुश्नर के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचने की वाले हैं, लेकिन ईरान की ओर से भागीदारी को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है।
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ईरान के सरकारी प्रसारक (IRIB) ने अब तक किसी भी ईरानी राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद जाने की खबर का खंडन किया है, जिससे वार्ता शुरू होने पर सवालिया निशान लग गए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल के लिए लड़ाई
बता दें, इस तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। अमेरिका द्वारा बंदरगाहों की घेराबंदी और ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाज पर गोलाबारी की घटना ने आग में घी डालने का काम किया है। ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गहरा संकट मंडरा रहा है।