Iran US Deal: कतर पर टिकी दुनिया की नजर... 'तेहरान के साथ होगी वार्ता', ट्रंप ने किया बड़ा दावा, होर्मुज में तनाव के बाद ईरान ने किया था इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ मंगलवार को दोहा (कतर) में वार्ता होगी। ईरान ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस सप्ताह कोई बैठक निर्धारित नहीं है। Strait of Hormuz में हालिया तनाव के बाद कतर मध्यस्थता कर रहा है। दुनिया की नजरें अब दोहा पर टिकी हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान ने हालिया तनाव के बाद अमेरिका के साथ बैठक की मांग की है। यह बैठक मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में होनी है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ईरान ने बैठक की मांग की है। यह कल दोहा में होगी!"
हालांकि ईरान की तरफ से इनकार किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि इस सप्ताह कोई तकनीकी वार्ता निर्धारित नहीं है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर सैन्य टकराव बढ़ गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले किए, जिससे वैश्विक समुद्री यातायात प्रभावित हुआ।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्ष अब किनेटिक गतिविधियां रोकने पर सहमत हो गए हैं। यानी हमले और सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से बंद रहेगी, ताकि जहाज स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर सकें। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि तकनीकी स्तर की बातचीत जारी रहेगी।
ईरान का इनकार: कोई बैठक तय नहीं
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजेम घरिबाबादी ने IRIB को बताया कि 14-पॉइंट समझौते के तहत इस सप्ताह कोई बैठक निर्धारित नहीं है। उन्होंने कहा कि कतर के माध्यम से परामर्श सामान्य रूप से चल रहे हैं, लेकिन दोहा में चर्चा की खबरों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
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घरिबाबादी ने जोर दिया कि पहली बैठक तभी होगी जब जरूरी शर्तें पूरी होंगी और तारीख-स्थान पर सहमति बन जाएगी। ईरान का कहना है कि मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत जारी है।
कतर की भूमिका
कतर लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के बीच परामर्श में दोहा अहम केंद्र बना हुआ है। ट्रंप के दावे और ईरान के इनकार से दोनों पक्षों की अलग-अलग सार्वजनिक स्थिति स्पष्ट हो गई है, जबकि कतर पीछे से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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विश्व की नजरें अब मंगलवार को दोहा पर टिकी रही रहेंगी। अगर बैठक होती है तो होर्मुज में शांति और समुद्री यातायात की बहाली पर चर्चा हो सकती है। लेकिन दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों से साफ है कि वार्ता अभी भी नाजुक दौर में है।