भारत छोड़िए यूरोप में भी भीषण गर्मी का कहर... फ्रांस में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत, जर्मनी में लू से बचने के लिए ट्रेन का सफर न करने की सलाह
यूरोप में भीषण लू की चपेट में आने से पेरिस के शवागार पूरी तरह भर गए हैं। गर्मी से एक हफ्ते में 1,000 से ज्यादा मौतें हुईं, जिनमें ज्यादातर 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग शामिल हैं। परिवारों को अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं पा रही है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस में रिकॉर्ड तोड़ तापमान के कारण पिछले हफ्ते करीब 1000 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। सामान्य दिनों में फ्रांस में रोजाना 900 से 1000 मौतें होती हैं। लेकिन गर्मी के चरम पर, बीते बुधवार को 1200 से ज्यादा और अगले दो दिनों में 1400 से अधिक मौतें हुईं।
इस भयंकर गर्मी की लहर ने फ्रांस की राजधानी पेरिस के शवागारों को पूरी तरह भर दिया है। शोक-संतप्त परिवार और अंतिम संस्कार करने वाले लोग जगह की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। हर कुछ मिनट में शवागार मालिक के फोन की घंटी बज रही है और सवाल एक ही है- “क्या आपके पास एक और शव रखने की जगह है?”
पेरिस के शवागार मालिक जौहैर हरतेली (Zouhaeir Hertelli) के शवागार के ठंडे कमरे में 32 जगहें पूरी भर चुकी हैं। उन्होंने मजबूरन हर बार नहीं कहना पड़ रहा है। हरतेली कहते हैं-
“हम वाकई आपदा की स्थिति से गुजर रहे हैं। मेरे पास सैकड़ों कॉल आ रही हैं।”
गर्मी ने ली सैकड़ों जानें
देश के तीन-चौथाई हिस्से में रेड अलर्ट जारी है। फ्रांस की पब्लिक हेल्थ एजेंसी के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, पिछले हफ्ते जब देश सबसे गर्म दिन दर्ज कर रहा था, तब मौतों की संख्या में भारी उछाल आया। बुधवार को 1,200 से ज्यादा मौतें हुईं, जबकि गुरुवार और शुक्रवार को यह संख्या 1,400 के पार पहुंच गई। इन तीन दिनों में ही कम से कम 1,000 अतिरिक्त मौतें हुई हैं, और यह आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि घरों और बुजुर्गों की देखभाल केंद्रों में हुई मौतों के सर्टिफिकेट अभी आ रहे हैं।
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इन मौतों में 85% से ज्यादा लोग 65 साल या उससे ऊपर के थे। खासकर पेरिस क्षेत्र में घरों पर मौतों में करीब 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई बुजुर्ग अकेले रहते थे और गर्मी की चपेट में आ गए।
शव रखने की जगह नहीं बची
पेरिस सिटी हॉल ने दो अस्थायी स्टोरेज यूनिट लगाईं और अस्पतालों से 50 अतिरिक्त जगहें लीं, लेकिन फिर भी जगह कम पड़ रही है। कुछ अंतिम संस्कार करने वालों को शवों को 80 किलोमीटर दूर चार्ट्रेस या दूसरे इलाकों में भेजना पड़ रहा है। ज्यादातर मौतें उन लोगों की हुई हैं जो घर पर अकेले रहते थे।
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इससे पहले 2003 की भयानक गर्मी में करीब 15,000 मौतें हुई थीं। उस समय बुजुर्गों की देखभाल को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी थी। पिछले साल भी गर्मी से 5,700 से ज्यादा मौतें हुई थीं।
तापमान के नए रिकॉर्ड
इस हफ्ते पेरिस में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस (111.2 फारेनहाइट) तक पहुंच गया। दिन में 40 डिग्री से ऊपर और रात में भी गर्मी से नींद नहीं आ रही। यूरोप के दूसरे देशों में भी यह लू की लहर फैल रही है।
यूरोप में कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। जर्मनी में 41.7 डिग्री का नया रिकॉर्ड बना, जबकि चेक गणराज्य में 41.1 डिग्री दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के बिना यह इतनी भीषण गर्मी संभव नहीं थी। जर्मनी में लोगों को अनावश्यक ट्रेन यात्रा से बचने की चेतावनी जारी की गई है।