Iran-US Deal: 'ईरान समझौते से मुकरा, तो अंजाम...', राष्ट्रपति ट्रंप की खुली चेतावनी, कहा- तेहरान की संपत्तियों को मुक्त करने के लिए रखी ये शर्त

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने ईरान को फिर चेताया है। ट्रंप ने स्पष्ट संदेश दिया कि ईरान द्वारा समझौते का पालन नहीं होने पर अमेरिका फिर से सख्त कदम उठाएगा।

‘Be Careful With Words’: Iran Warns US at Switzerland Peace Talks
Trump Warns to Iran | Image: X

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली चेतावनी है। अमेरिकी और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते को लेकर ट्रंप ने कहा है, 'अगर डील की शर्तों का पालन नहीं हुआ, तो जो करना पड़ेगा वो मैं करूंगा।' ट्रंप ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि पीस डील को लेकर ईरान का व्यवहार सही नहीं रहा तो वाशिंगटन सख्त कदम उठाएगा।

व्हाइट हाउस में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने ईरान को फिर चेताया है। पत्रकारों ने पीस डील की शर्तों के लेकर ट्रंप से सवाल किया तो उन्होंने कहा, 'अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता है, या उसका रवैया सही नहीं रहा, तो मुझे जो करना होगा, मैं वह करूंगा'। ट्रंप  का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच पश्चिम एशिया में शांति कायम करने के लिए वार्ता का पहला दौर पूरा हुआ है।

ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी

बता दें कि पिछले सप्ताह ही ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका-ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस डील को लेकर दोनों देशों की ओर से 16 शर्तें रखी गई थी। व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए जारी किए जा रहे फंड से आखिरकार अमेरिकी किसानों को फायदा होगा, क्योंकि उनसे अनाज खरीदा जाएगा।

संपत्तियों को मुक्त करने के लिए रखी ये शर्त

ट्रंप का यह बयान तब आया जब ईरानी अधिकारियों ने उन दावों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि तेहरान के लिए सिर्फ अमेरिका से ही कृषि उत्पाद खरीदना जरूरी है। बता दें कि ट्रंप ने समझौते के तहत ईरान की जिन वित्तीय संपत्तियों पर से प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं, उनके इस्तेमाल पर सख्त शर्त रखी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह सारा पैसा केवल अमेरिका से खाद्य सामग्री खरीदने के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा।

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अमेरिका के किसानों फायदा पहुंचान मकसद

ट्रंप ने कहा, “यह सारा पैसा खाद्य खरीद के रूप में वापस आएगा, जिसकी ईरान को बेहद जरूरत है। वहां 9.1 करोड़ लोग हैं और वे उन्हें भोजन नहीं करा पा रहे हैं। इसलिए जिन पैसों को हम मुक्त कर रहे हैं, उसका फायदा हमारे किसानों को भी मिलेगा।”

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Published By:
 Rupam Kumari
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