Lucknow Fire: 15 मौतों का गुनाहगार कौन? लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए CM योगी ने SIT का किया गठन, 7 दिन में सौंपनी होगी रिपोर्ट
Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज (पुरानिया इलाका) स्थित एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल हैं।
- भारत
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Lucknow Coaching Centre Fire Incident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए अग्निकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। हाईलेवल बैठक के बाद सीएम योगी ने यह फैसला लिया। इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन और संस्कृति) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ) प्रवीण कुमार शामिल हैं। टीम को 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
3 गिरफ्तार, 4 अधिकारी सस्पेंड
वहीं, इस दर्दनाक घटना को लेकर पहले ही बिल्डिंग मालिक समेत 3 गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में रामकृष्ण उपाध्याय (उम्र 43 साल), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (उम्र 62 साल) और तूशॉक कृष्णा जायसवाल (उम्र 31 साल) शामिल हैं। पुलिस ने कहा है कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही चार अधिकारी सस्पेंड भी किए गए हैं।
हादसा सोमवार (22 जून) को दोपहर के समय हुआ। लखनऊ के अलीगंज (पुरानिया इलाका) स्थित एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई। इस इमारत के निचले तल पर पेट शॉप/वेट क्लिनिक चल रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर कोचिंग सेंटर, एनिमेशन सेंटर और लाइब्रेरी संचालित हो रही थीं। मृतकों में ज्यादातर छात्र शामिल हैं।
हादसे का जायजा लेने पहुंचे CM योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे पर थे। जैसे ही उन्हें लखनऊ में हुए इस अग्निकांड की सूचना मिली, वह अपना दौरा बीच में छोड़कर शाम को घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने केजीएमयू में घायलों से मुलाकात कर उनका हाल चाल भी जाना। मुख्यमंत्री ने देर शाम अग्निशमन, गृह, लखनऊ विकास प्राधिकरण समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक करीब 4 घंटे तक मौके पर मौजूद रहे।
कई धाराओं में FIR दर्ज
बता दें कि इस मामले को लेकर पुलिस ने अलीगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110, 105, 125 और 3(5) के साथ-साथ उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6 और 10 के तहत 6 आरोपियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।