7 घंटे, 21 एयरक्राफ्ट, और दुश्मन की ताबड़तोड़ फायरिंग...ट्रंप ने बताया अमेरिकी सेना ने दिन के उजाले में दोनों पायलटों को कैसे किया रेस्‍क्‍यू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग को लेकर व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्‍होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता के बारे में बताते हुए ईरान को खुली धमकी भी दी।

Donald Trump Says US Forces Were Deployed In Different Locations To Mislead Iran During Pilot Rescue Operation
7 घंटे, 21 एयरक्राफ्ट, और दुश्मन की ताबड़तोड़ फायरिंग...डोनाल्‍ड ट्रंप ने बताया अमेरिकी सेना ने दिन के उजाले में दोनों पायलटों को कैसे किया रेस्‍क्‍यू | Image: Instagram-White House

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग को लेकर व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्‍होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता के बारे में बताते हुए ईरान को खुली धमकी भी दी। उन्‍होंने ऑपरेशन को ऐतिहासिक बताते हुए अमेरिकी सेना की जमकर तारीफ की और इसे बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने बताया कि आम तौर पर युद्ध के दौरान जब किसी विमान को दुश्मन इलाके में गिरा दिया जाता है, तो उसे बचाने के लिए इतने बड़े स्तर का ऑपरेशन करना बहुत मुश्किल होता है।

कई बार एक या दो लोगों को बचाने के लिए सैकड़ों सैनिकों को जोखिम में डालना पड़ता है, इसलिए ऐसे मिशन अक्सर किए ही नहीं जाते। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद सेना को आदेश दिया था कि किसी भी कीमत पर अपने सैनिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को “बहादुर” बताते हुए कहा कि देश अपने जवानों को कभी पीछे नहीं छोड़ता।

ट्रंप ने कहा कि वह (अमेरिकी लड़ाकू विमान का पायलट) काफी बुरी तरह घायल था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स उसका पीछा कर रहे थे और उसे ढूंढने के लिए उन्होंने आम लोगों को एक बड़ा इनाम देने की पेशकश की थी। खतरे के बावजूद, उस अधिकारी ने काफी ऊंचाई पर चढ़ाई की, ठीक वैसे ही, जैसा कि उसे अपहरण से बचने के लिए ट्रेनिंग में सिखाया गया था।

मिशन में लगे 21 एयरक्राफ्ट, दुश्‍मन की गोलियों को सामना करते मिशन किया पूरा

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ट्रंप ने बताया कि कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने 21 सैन्य विमान दुश्मन के एयरस्पेस में भेज दिए। कई विमान बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे और उन पर गोलियां चलाई जा रही थीं। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन दिन के उजाले में करीब 7 घंटे तक चला और इस दौरान भारी दुश्मन फायरिंग का सामना करना पड़ा।

ट्रंप ने बताया कि पहली रेस्क्यू टीम ने F-15 के पायलट को खोज लिया और उसे HH-60 जॉली ग्रीन हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि दूसरा क्रू मेंबर, जो वेपन सिस्टम्स ऑफिसर था, पायलट से काफी दूर जाकर गिरा। तेज रफ्तार की वजह से कुछ सेकंड का फर्क भी कई किलोमीटर की दूरी बना देता है।

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वह गंभीर रूप से घायल था और ऐसे इलाके में फंसा था जहां ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड, स्थानीय आतंकी संगठन और अन्य खतरे मौजूद थे। ट्रंप ने कहा कि घायल अधिकारी ने अपनी ट्रेनिंग के अनुसार खुद को बचाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि वह बुरी तरह घायल होने के बावजूद चट्टानों पर चढ़ता रहा, खुद अपने जख्मों का इलाज किया और अपने लोकेशन की जानकारी अमेरिकी सेना तक पहुंचाई।

एक रात में ईरान को खत्म कर देंगे, ट्रंप ने दी खुली धमकी

डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकता है। अभी युद्ध अमेरिका के मुताबिक चल रहा है और अमेरिकी सेना के पास इतनी ताकत है कि वह बहुत कम समय में बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। 



उन्होंने यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो यह कार्रवाई कल रात भी हो सकती है।

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Published By :
Ankur Shrivastava
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