अपडेटेड 2 February 2026 at 09:44 IST

'ईरान के बेहद करीब हैं शक्तिशाली जहाज, डील नहीं हुई तो...', खामेनेई की चेतावनी पर ट्रंप का आया जवाब, समझौते पर जताई उम्मीद

Trump vs Khamenei: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की धमकियों को जवाब आया है। उन्होंने ईरान संग समझौते की उम्मीद जताते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से बेशक ईरान के पास सेना की तैनाती की गई है, लेकिन अभी भी हम कूटनीति के रास्ते हल तलाशने की कोशिश में हैं।

Trump vs Khamenei
Trump vs Khamenei | Image: X

US-Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर तेहरान के साथ डील पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईरान वॉशिंगटन के साथ डील करेगा। ट्रंप का ये बयान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ेगा।

खामेनेई के बयान पर राष्ट्रपति ट्रंप का रिएक्शन आया। उन्होंने फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से बेशक ईरान के पास सेना की तैनाती की गई है, लेकिन अभी भी हम कूटनीति के रास्ते हल तलाशने की कोशिश में हैं।

पूरी उम्मीद है कि डील हो जाएगी- ट्रंप

उन्होंने कहा, "हमारे पास दुनिया के सबसे बड़े और शक्तिशाली जहाज हैं, जो ईरान के बेहद करीब हैं। अगर हमारी डील नहीं होती, तो हमें पता लगाना होगा कि कहां कमी रह गई है। वो डील नहीं करना चाहते हैं, लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है कि डील हो जाएगी। ऐसा नहीं हुआ, तो देखते हैं कि फिर हम क्या कर सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं होता है, तो हमें पता चल जाएगा कि वह सही थे या नहीं।

खामेनेई ने दी ट्रंप को चेतावनी

इससे पहले ट्रंप की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने लिखा था कि अमेरिकियों को पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं, तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। अमेरिकी कभी-कभी युद्ध की बात करते हैं- कहते हैं कि हम युद्धपोतों और विमानों के साथ आएंगे... यह कोई नई बात नहीं है। ईरानी राष्ट्र पर ऐसी बातों का कोई असर नहीं होता। उन्हें ऐसी बातों से ईरान को डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

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उन्होंने आगे कहा कि हम युद्ध शुरू करने वाले नहीं हैं। हम किसी पर जुल्म नहीं करना चाहते। हम किसी देश पर हमला नहीं करना चाहते। लेकिन, जो कोई भी हमला करने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे ईरान से करारा जवाब मिलेगा।

'ईरान को हड़पना चाहता है अमेरिका'

खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच क्या मुद्दा है? इसे दो शब्दों में बताया जा सकता है: अमेरिका ईरान को हड़पना चाहता है और ईरानी राष्ट्र और इस्लामिक गणराज्य इसे रोकते हैं। ईरान में कई आकर्षक चीजें हैं: इसका तेल, गैस, भरपूर खनिज और भौगोलिक स्थिति आकर्षक हैं। अमेरिका इस देश पर फिर से कंट्रोल करना चाहता है, जैसा कि उसने पहले किया था।

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उन्होंने आगे लिखा कि 30 से ज्यादा सालों तक अमेरिकी ईरान में मौजूद थे। ईरान के रिसोर्स, तेल, पॉलिटिक्स और सिक्योरिटी सब उनके हाथों में थे। सब कुछ उनके कंट्रोल में था। अब जब उनकी पकड़ कमजोर हो गई है, तो वे वापस आने का रास्ता ढूंढ रहे हैं। ईरानी कौम मजबूती से खड़ी है और उन्हें ऐसा करने से रोक रही है। ईरान मजबूती से खड़ा है, खड़ा रहेगा और- अगर अल्लाह ने चाहा- तो अमेरिका की शरारतों और उत्पीड़न का अंत करेगा।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 2 February 2026 at 09:44 IST