अपडेटेड 31 January 2026 at 14:44 IST
इन देशों में जनता से नहीं लिया जाता है एक भी रुपए टैक्स, फिर भी तेजी से दोड़ रही है इकोनॉमी; जानें कैसे
ज्यादातर देशों में सरकार की मुख्य कमाई टैक्स से होती है। मगर दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां आम नागरिकों से एक भी रुपया टैक्स के रूप में नहीं लिया जाता है। जानते हैं ऐसे देश के बारे में...
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश करेंगी। हर साल बजट पेश होने से पहले गरीब से अमीर तक हर वर्ग अपनी उम्मीदें बांधता है। किसी को टैक्स में छूट चाहिए, तो किसी को महंगाई से राहत। इन सबके बीच आम लोगों के दिमाग में एक सवाल यह भी उठता है कि सरकार के पास खर्च करने के लिए इतना पैसा आता कहां से है? ज्यादातर देशों में सरकार की मुख्य कमाई टैक्स से होती है। मगर दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां आम नागरिकों से एक भी रुपया टैक्स के रूप में नहीं लिया जाता है। जानते हैं ऐसे देश के बारे में....
दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां आम नागरिकों से एक भी पैसा भी पर्सनल इनकम टैक्स के नाम नहीं वसूला जाता है। बावजूद उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत और समृद्ध है। अब में मन में सवाल उठ रहे होंगी कि आखिरकार यहां की सरकार देश की अर्थव्यवस्था को कैसे संभालती है? इससे पहले जानते हैं कि किन-किन देशों में जनता से नहीं लिया जाता एक भी रुपया।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
दुनिया के सबसे चर्चित टैक्स-फ्री देशों में शुमार UAE है। यहां व्यक्तिगत आयकर नहीं लगता। यहां की अर्थव्यवस्था तेल निर्यात, पर्यटन, रियल एस्टेट और 5% वैट (VAT) जैसे अप्रत्यक्ष करों से मजबूत है। दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों ने विदेशी निवेश को आकर्षित कर UAE को वैश्विक आर्थिक हब बना दिया है।
बहरीन
बहरीन में भी नागरिकों पर इनकम टैक्स का बोझ नहीं है। सरकार अप्रत्यक्ष करों, शुल्कों और तेल से राजस्व जुटाती है। टैक्स-फ्री माहौल की वजह से स्टार्टअप्स और छोटे कारोबार फल-फूल रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
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कुवैत
कुवैत की अर्थव्यवस्था भी लगभग पूरी तरह तेल निर्यात पर टिकी है। विशाल तेल भंडार होने से सरकार को नागरिकों से इनकम टैक्स लेने की जरूरत नहीं पड़ती। यह देश समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक बना हुआ है।
कतर और ओमान
कतर और ओमान ये खाड़ी देश भी पर्सनल इनकम टैक्स से मुक्त हैं। तेल और गैस सेक्टर से भारी राजस्व मिलने के कारण, कम आबादी वाले इन देशों में सरकारें विकास कार्य आसानी से चला पाती हैं। इनकी अर्थव्यस्था रफ्तार से आगे बढ़ रही है।
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द बहमास
कैरिबियन क्षेत्र में स्थित बहमास पर्यटन, विदेशी निवेश और कस्टम ड्यूटी पर निर्भर है। यहां भी व्यक्तिगत आयकर नहीं लगता, जिससे यह पर्यटकों और निवेशकों के बीच लोकप्रिय है।
सऊदी अरब
सऊदी अरब ने भी अपने नागरिकों को डायरेक्ट इनकम टैक्स से छूट दी हुई है। यहां वैट और अन्य अप्रत्यक्ष कर लागू हैं। तेल के अलावा अब पर्यटन और विविध निवेश को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है।द
ऐसे बढ़ रही है इन देशों की अर्थव्यस्था
कुल मिलाकर ये देश मुख्य रूप से प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, विदेशी निवेश या अप्रत्यक्ष करों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में ये जनता से पर्सनल टैक्स नहीं लेने के बावदूद फल-फूल रहे हैं। साथ ही इनकी अर्थव्यवस्था भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 31 January 2026 at 14:44 IST