अलास्का में पुतिन नहीं, उनके डुप्लिकेट से मिले डोनाल्ड ट्रंप? रूसी राष्ट्रपति के बॉडी लैंग्वेज को देखकर दंग रह गई दुनिया, मचा बवाल!
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर एक नई अफवाह ने दुनिया को चौंका दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर एक नई अफवाह ने दुनिया को चौंका दिया है। अलास्का समिट में भाग लेने के लिए पुतिन द्वारा एक "बॉडी डबल" का इस्तेमाल करने की अफवाहें उड़ रही हैं। कई लोगों को पुतिन की बॉडी लैंग्वेज देखकर यकीन नहीं हो रहा है कि वो पुतिन ही थे, जिससे डोनाल्ड ट्रंप ने अलास्का में मुलाकात की है।
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर इन अफवाहों से बवाल मच गया है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार, यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने दावा किया है कि पुतिन सार्वजनिक रूप से दिखाई देने से बचने के लिए बॉडी डबल का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, 2020 में एक इंटरव्यू में पुतिन ने इन अफवाहों पर टिप्पणी की थी और आरोपों को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया था।
नेटिजन्स क्या कह रहे हैं?
एक यूजर ने टिप्पणी की, "यह वास्तव में असली पुतिन नहीं है। उन्होंने अच्छा हमशक्ल भी नहीं भेजा, उन्होंने "खुशमिजाज पुतिन" भेजा।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "सभी संभावनाओं में, यह पुतिन नहीं, बल्कि पुतिन का बॉडी डबल था।" पुतिन इस वीडियो के विपरीत कभी भी दोनों हाथ हिलाकर नहीं चलते। उनका बांया हाथ हमेशा स्थिर रहता है। केजीबी की ये एक खासियत है जो यहां नहीं दिखती!”
अन्य जानकारों ने भी रूप-रंग, व्यवहार और चाल-ढाल में अंतर की ओर इशारा किया, जिससे पता चलता है कि ट्रंप के साथ देखे गए व्यक्ति में पुतिन की 'चाल' का अभाव था और उसके गालों की हड्डियां ज्यादा उभरी हुई और व्यक्तित्व ज्यादा अलाइव फील हो रहा था। कुछ यूजर्स ने टिप्पणी की है कि उनकी चाल उनके निचले दाहिने हाथ की गति से मेल नहीं खा रही थी, जबकि कुछ ने उनके अत्यधिक हंसमुख भावों को देखा। कुछ बॉडी लैंग्वेज जानकारों ने ट्रंप के चेहरे पर निराशा का भाव भी देखा क्योंकि बैठक योजना के अनुसार नहीं हुई। इसी ने अटकलों को जन्म दिया।
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ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बैठक में कोई समझौता नहीं
डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने 15 अगस्त को अलास्का में एक समिट आयोजित किया, जो रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण के बाद पहला अमेरिका-रूस समिट था। लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक को कथित तौर पर यूक्रेन में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। हालांकि, अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई बैठक में कोई समझौता नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रति एक व्यावहारिक दृष्टिकोण का सुझाव दिया।