'सिर्फ बातचीत के लिए जिंदा हो...', ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की सीधी और साफ धमकी, कहा- Strait of Hormuz तो खोलना ही होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। पाकिस्तान में आज होने वाली शांति वार्ता से पहले ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए ही जिंदा है, उसके पास कोई कार्ड नहीं बचा। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर बात नहीं बनी तो हमले हो सकते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर धमकी दी है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हो रही है। इस वार्ता से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ कहा- "ईरान आज जिंदा है तो सिर्फ बातचीत करने के लिए। उसके पास कोई और कार्ड नहीं बचा है।"
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बारे में एक साफ-साफ और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरानी यह बात नहीं समझ पा रहे हैं कि उनके पास दुनिया के सामने कोई मजबूत कार्ड नहीं बचा है। वो सिर्फ अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को ब्लॉक करके दुनिया को थोड़े समय के लिए परेशान कर सकते हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान आज अगर जिंदा है तो सिर्फ इसलिए कि वे बातचीत कर सकें। मतलब, उनके पास लड़ने या लंबे समय तक टिकने की ताकत नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना ही होगा
ट्रंप ने कहा कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोलना ही पड़ेगा। अगर बातचीत नाकाम रही तो अमेरिका फिर से हमले कर सकता है। अमेरिकी युद्धपोत पहले से तैयार हैं। अमेरिका और ईरान में हुए 2 हफ्ते के सीजफायर ऐलान के बाद इस्लामाबाद में होनी वाली इस वार्ता का मध्यस्थ पाकिस्तान है। दोनों देश अपने मुद्दे रखेंगे। ट्रंप का कहना है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर भी सही बात करनी होगी।
आसान भाषा में समझें पूरी बात
ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित है। दुनिया का बहुत बड़ा तेल यहां से गुजरता है। ईरान कई बार धमकी दे चुका है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह इस रास्ते को बंद कर सकता है। इससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और आर्थिक नुकसान हो सकता है।
Advertisement
ट्रंप कह रहे हैं कि यह धमकी सिर्फ थोड़े समय के लिए काम कर सकती है। लंबे समय तक ईरान यह नहीं कर सकता। उसके पास न तो मजबूत अर्थव्यवस्था है, न परमाणु कार्यक्रम में सफलता, और न ही मजबूत दोस्त जो उसे बचाएं। आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से ईरान पहले ही काफी कमजोर हो चुका है।
ट्रंप का सीधा संदेश
ट्रंप का संदेश बहुत सीधा और साफ है। ईरान को समझना चाहिए कि उसके पास लड़ने के लिए कोई सही विकल्प नहीं बचा। अगर वह अपनी स्थिति सुधारना चाहता है तो उसे मेज पर आकर बात करनी होगी, सिर्फ धमकियां देने से कुछ नहीं होगा।
Advertisement
क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?
ट्रंप के इस बयान का मतलब है कि अमेरिका ईरान के साथ फिर से सख्त रुख अपनाने के पक्ष में है। ईरान पर पहले से बहुत सख्त प्रतिबंध लगाए गए है। अब अगर ट्रंप फिर से कुछ एक्शल लेंगे, तो ईरान पर दबाव और बढ़ सकता है।
ईरान के लिए यह चुनौती भरा समय है। उसके पास दो रास्ते दिख रहे हैं। पहला ये कि बातचीत का रास्ता चुनकर अपनी अर्थव्यवस्था बचाए, या फिर पुरानी नीति पर अड़ा रहे और और ज्यादा नुकसान उठाए। ट्रंप साफ कह रहे हैं कि ईरान की जिंदगी सिर्फ बातचीत के लिए बची हुई है। अब फैसला ईरान को करना है कि वह इस मौके का फायदा उठाता है या नहीं।