Iran-US Talk: ट्रंप को भाव नहीं दे रहा ईरान, कहा- अमेरिका के साथ फिलहाल कोई मीटिंग तय नहीं,अधर में लटकी दोहा शांति वार्ता
ईरान ने साफ-साफ कहा है कि अभी अमेरिका के साथ कतर में किसी भी स्तर की वार्ता तय नहीं हैं। अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी, जब 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन की शुरुआती शर्तों पर अमेरिका अमल करेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की थी कि अमेरिका और ईरान मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में बातचीत करने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने इस बैठक का अनुरोध किया है। मगर ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत या बैठक की खबरों और अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि कतर के दोहा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का अमेरिकी अधिकारियों से कोई लेना-देना नहीं है। इस घोषणा के बाद दोहा शांति वार्ता अधर में लटक गई।
ईरान ने साफ-साफ कहा है कि अभी अमेरिका के साथ कतर में किसी भी स्तर की वार्ता तय नहीं हैं। अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी, जब 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन की शुरुआती शर्तों पर अमेरिका अमल करेगा। ईरान के इस बयान ने ट्रंप के बैठक संबंधी दावों को खारिज कर दिया। इससे यह भी साफ हो गया है कि ईरान किसी भी दवाब में कोई फैसला नहीं लेता।
ट्रंप ने बैठक का किया था दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा था, "ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह कल दोहा में होगी।" उन्होंने प्रस्तावित बातचीत के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता प्रेस ब्रीफिंग में बघाई ने कहा, “आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी कोई बैठक या बातचीत नहीं होने वाली है। अमेरिकी प्रतिनिधियों की कतर यात्रा का हमारे प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है।” उन्होंने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह दोहा की यात्रा करेगा, लेकिन इसका मकसद समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रावधानों, खासकर अनुच्छेद 11 के कार्यान्वयन पर आगे की कार्रवाई करना है।
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ईरान ने ट्रंप को 14 पॉइंट वाले समझौता ज्ञापन का दिया हवाला
ईरानी प्रवक्ता ने 14-पॉइंट वाले समझौता ज्ञापन का हवाला देते हुए बताया कि अनुच्छेद 13 के मुताबिक, अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के कार्यान्वयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो और वह जारी भी रहे। बता दें कि तकनीकी बातचीत में आम तौर पर निचले स्तर के राजनयिक शामिल होते हैं जो किसी संभावित समझौते के विवरण पर काम करते हैं, इससे पहले कि वरिष्ठ राजनीतिक नेता औपचारिक बातचीत में शामिल हों।
अधर में लटकी शांति वार्ता
इन विरोधाभासी बयानों ने ईरान-अमेरिका बातचीत के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। पाकिस्तान, जो मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, ने पहले संकेत दिया था कि बातचीत मंगलवार को फिर से शुरू हो सकती है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने भी कहा कि बातचीत रद्द नहीं की गई है और आने वाले दिनों में तकनीकी स्तर की चर्चा जारी रहेगी।