'मुझे पता लगा कि चीन ईरान को हथियार भेज रहा, मैंने तुरंत जिनपिंग को लेटर लिखा', जानिए ट्रंप के पत्र का बीजिंग ने क्या जवाब दिया?

US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने और शी जिनपिंग ने उन रिपोर्टों पर चिट्ठियों का आदान-प्रदान किया, जिनमें कहा गया था कि चीन ईरान को हथियार भेज रहा है, और चीनी नेता ने "असल में" उनसे कहा कि उनका देश "ऐसा नहीं कर रहा है।"

Donald Trump Xi Jinping
Donald Trump- Xi Jinping | Image: AP

US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने और शी जिनपिंग ने उन रिपोर्टों पर चिट्ठियों का आदान-प्रदान किया, जिनमें कहा गया था कि चीन ईरान को हथियार भेज रहा है, और चीनी नेता ने "असल में" उनसे कहा कि उनका देश "ऐसा नहीं कर रहा है।"

जब उनसे पूछा गया कि ईरान और वेनेजुएला में US की कार्रवाइयां, और क्यूबा के बारे में, खासकर तेल को लेकर की गई टिप्पणियां, अगले महीने दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक के माहौल को बदल देंगी या नहीं, तो ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा।"

'अभी-अभी मुझे एक बहुत अच्छी चिट्ठी लिखी'

ट्रंप ने कहा, "उन्हें तेल की जरूरत है। हमें नहीं। वह एक ऐसे इंसान हैं जिनके साथ मेरी बहुत अच्छी बनती है। उन्होंने अभी-अभी मुझे एक बहुत अच्छी चिट्ठी लिखी है।"

उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने मेरी लिखी एक चिट्ठी का जवाब दिया, क्योंकि मैंने सुना था कि चीन हथियार दे रहा है। मेरा मतलब है, आप हर जगह यह देख ही रहे हैं, ईरान को," और उन्होंने आगे जोड़ा, "मैंने उन्हें एक चिट्ठी लिखकर ऐसा न करने को कहा था, और उन्होंने मुझे जवाब में एक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि असल में वह ऐसा नहीं कर रहे हैं।"

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50 प्रतिशत टैरिफ की भी दी थी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चीन को एक नई चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर चल रहे युद्ध के बीच चीन ईरान की मदद करते हुए पकड़ा गया, तो वह इस एशियाई देश पर 50% टैरिफ लगा देंगे।

ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से कहा, "अगर हमने उन्हें ऐसा करते हुए पकड़ लिया, तो उन पर 50% टैरिफ लगेगा, जो कि एक बहुत बड़ी... यह एक बहुत बड़ी रकम है।"

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आपको बता दें कि अमेरिकी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, चीन अगले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADs) देने की तैयारी कर रहा है। नेटवर्क ने बताया था कि ऐसे संकेत मिले हैं कि बीजिंग इन खेपों को तीसरे देशों के रास्ते भेजने की कोशिश कर रहा है, ताकि इनके मूल स्रोत को छिपाया जा सके। चीन ने इन आरोपों से इनकार किया था।

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Published By :
Kunal Verma
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