अपडेटेड 17 July 2024 at 16:20 IST

जिस बिल्डिंग से ट्रंप पर हमला, वहीं पर कैसे तैनात थे पुलिस के स्नाइपर्स? कई सवालों में उलझी गुत्थी

Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद कई सवालों के जवाब एक अनचाही गुत्थी में उलझ गए हैं।

Donald Trump attack secret service sniper
Donald Trump and secret service sniper | Image: AP

Washington: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद कई सवालों के जवाब एक अनचाही गुत्थी में उलझ गए हैं। इनमें सबसे अहम सवाल ये है कि आखिर ट्रंप पर हमला करने वाला हमलावर उसी बिल्डिंग में कैसे था, जहां 3 पुलिस स्नाइपर्स भी तैनात थे।

आपको बता दें कि जहां पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शनिवार को भाषण दे रहे थे, वहां से 500 फीट से भी कम दूरी पर एक गोदाम की छत पर एक गनमैन चढ़ रहा था। वहीं तीन कानून प्रवर्तन स्नाइपर इमारतों के उसी परिसर के अंदर तैनात थे, जो भीड़ में किसी अनहोनी पर नजर रख रहे थे। ऐसे में सवाल ये है कि आखिर ये कैसे संभव था कि गनमैन भी उसी बिल्डिंग में प्रवेश कर गया और छत तक पहुंच गया।

कई सवालों में छिपी मिस्ट्री

सीक्रेट सर्विसेज के डायरेक्टर ने कहा कि लोकल फोर्स उसी इमारत में थी। जानकारी मिल रही है कि गनमैन उस इमारत के टॉप पर था। सीक्रेट सर्विस डायरेक्टर किम्बर्ली ए चीटल ने अमेरिकी मीडिया के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि स्थानीय अधिकारी शनिवार शाम को 20 वर्षीय गनमैन थॉमस मैथ्यू क्रूक्स द्वारा इस्तेमाल की गई इमारत के अंदर थे। अगर ऐसा है, तो इसका मतलब है कि गनमैन किसी भी इमारत पर चढ़ सकता था, भले ही उसके अंदर स्नाइपर तैनात थे।

आपको बता दें कि ट्रंप पर हमले के बाद सीक्रेट सर्विस और लोकल पुलिस आपस में ही भिड़ गए हैं। सीक्रेट सर्विस के आरोपों के बाद कई स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि वे गनमैन के साथ उसी इमारत में नहीं थे। ये भी जान लें कि स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों का उपयोग चुनावी रैली जैसे आयोजन में अतिरिक्त सुरक्षा के लिए किया जाता है, सुरक्षा योजना निर्धारित करना और संरक्षित व्यक्ति को सुरक्षित रखना सीक्रेट सर्विसेज का काम होता।

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ईरानी साजिश का भी भंडाफोड़

मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह बताया गया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ​​शनिवार की घटनाओं से पहले ट्रंप के खिलाफ संभावित ईरानी हत्या की साजिश पर नजर रख रही थी। माना जाता है कि इसका क्रुक्स से कोई संबंध नहीं था। खुफिया जानकारी के बाद सीक्रेट सर्विस ने शनिवार की आउटडोर रैली से पहले पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा बढ़ा दी थी, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप पर हमला हो गया। कई मायनों में यह सीक्रेट सर्विसेज की नाकामी बयां करता है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 17 July 2024 at 15:50 IST