UNSC में पाकिस्तान की एक न चली, अलापने लगा कश्मीर राग, फिर जमकर हुई किरकिरी; जानिए क्लोज डोर मीटिंग में क्या क्या हुआ?

मीटिंग में 15 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए और करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत चली, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।

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UNSC | Image: AP (Representative)

UNSC Meeting amid India-Pakistan tension: भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ रहे तनाव पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं। पाकिस्तान हर किसी के आगे भारत को रोकने के लिए गिड़गिड़ा रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मुद्दे पर बंद कमरे में बैठक हुई। जहां पाकिस्तान की फिर एक न चल पाई। UNSC में पाकिस्तान का फिर झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने और कश्मीर राग अलापने की कोशिश की, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी उसकी भारी फजीहत हुई।

पाकिस्तान की मांग पर ही UNSC में यह क्लोज डोर मीटिंग बुलाई गई थी, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। इस बैठक को लेकर न तो कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया और न ही कोई रिजॉल्यूशन पारित हुआ।

बैठक का नहीं निकला कोई नती

बैठक सुरक्षा परिषद के चैंबर में नहीं की गई, बल्कि बगल में एक परामर्श कक्ष में रखी गई। मीटिंग में 15 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए और करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत चली, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर झूठा प्रोपगैंडा चलाने की कोशिश की। उसकी यह चाल कामयाब न हो सकी।

कश्मीर मुद्दा उठाया, सिंधु जल संधि के निलंबन पर भी बोला

पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान की ओर से UNSC में कश्मीर के मुद्दे को फिर उठा दिया। पाकिस्तान के प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि यह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है। अहमद ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिंधु जल संधि को निलंबित करने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने इसे "आक्रामकतापूर्ण कार्रवाई" बताया।

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पाक प्रतिनिधि ने बैठक में कहा कि दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी, जो युद्ध के समय भी भी बरकरार रही। अब भारत ने एकतरफा फैसला लेते हुए निलंबित कर दिया। सिंधु और इसकी सहायक नदिंयों पर पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों के जीवन का आधार है। इन नदियों का पानी रोकने की कोशिश हुई, तो यह आक्रामक और देश के लिए खतरा माना जाएगा।

पहलगाम में 26 मासूमों की हत्या के बाद भारत की ओर से उठाए गए कदमों को पाकिस्तान ने एकतरफा और गैर-कानूनी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई तनाव को चरम पर ले गई। पाकिस्तान कोई टकराव नहीं चाहता। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है।

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बैठक के बाद पाक प्रतिनिधि बोले- हमारा मकसद पूरा

बैठक के बाद पाक प्रतिनिधि ने कहा कि मीटिंग बुलाने के पीछे उनका मकसद सफल रहा। पाकिस्तान शांति चाहता है और भारत से बातचीत के लिए तैयार है। भले ही पाकिस्तान बैठक को लेकर कुछ भी क्यों न कह रहा हो, लेकिन उसकी मांग पर बुलाई गई यह बैठक बिना नतीजे के ही खत्म हो गई।  

पहलगाम घटना पर क्या बोले UN महासचिव? 

वहीं, इस बैठक से पहले UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सैन्य कार्रवाई कोई हल नहीं है। साथ ही साथ उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए यह भी कहा कि इसके गुनहगारों को को सजा मिलनी चाहिए। गुटेरेस ने कहा था कि इस तरह के भयानक आतंकी हमले को लेकर हम जज्बातों को अच्छे से समझते हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं, लेकिन इस बीच सैन्य संघर्ष से बचने की जरूरत है। इससे हालात बेकाबू हो सकते हैं।

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Published By :
Ruchi Mehra
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