'यह आदमी एक मॉन्स्टर है, क्या शानदार जिंदगी है...', जब डोनाल्ड ट्रंप ने सुंदर पिचाई के सामने उनकी खूब की तारीफ, हंसते रह गए Google CEO, VIDEO
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया कदम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस को वैश्विक स्तर पर और भी ज्यादा तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में उन्होंने व्हाइट हाउस में दुनिया की तमाम अग्रणी AI कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों और दिग्गजों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रंप गूगल के CEO सुंदर पिचाई की तारीफ करते हुए उन्हें 'Monster' कहते नजर आ रहे हैं। इस पर पिचाई का हाजिरजवाबी भरा रिएक्शन भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। लेकिन यह वीडियो सिर्फ एक मजेदार पल का गवाह नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य और टेक कंपनियों की बड़ी भूमिका भी शामिल है।
ट्रंप ने सुंदर पिचाई को 'Monster' क्यों कहा?
व्हाइट हाउस में हुई एक अहम बैठक के बाद का है। ट्रंप ने Google CEO सुंदर पिचाई समेत Meta, Nvidia, और Anthropic जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ AI के मुद्दे पर बैठक की थी।
बैठक के बाद जब ट्रंप पत्रकारों से बात कर रहे थे, तो उन्होंने पिचाई की ओर इशारा किया। पिचाई अभी कुछ बोलने ही वाले थे कि ट्रंप ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह व्यक्ति 'Monster' है और लोग इन्हें जानते तक नहीं हैं। ट्रंप ने पिचाई की सफलता की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी जिंदगी कितनी शानदार है कि वह इतने प्रभावशाली होने के बावजूद हर समय मीडिया की नजरों से दूर रहते हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अगर नाम याद रखना है, तो सिर्फ 'सुंदर' याद रखिए। यहां 'Monster' शब्द का इस्तेमाल नकारात्मक अर्थ में नहीं, बल्कि टेक इंडस्ट्री में पिचाई के दबदबे और उनकी बड़ी सफलता की तारीफ के लिए किया गया था।
सुंदर पिचाई ने दिया हाजिरजवाबी से भरा जवाब
ट्रंप की इस टिप्पणी को सुनकर सुंदर पिचाई अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए। उन्होंने तुरंत मजाकिया अंदाज में पलटकर कहा, 'Hopefully a better tagline than I'm a monster'। वीडियो में पिचाई का यह शांत और मजाकिया अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
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AI के भविष्य पर अहम समझौता
इस पूरी घटना की सबसे महत्वपूर्ण बात ट्रंप और पिचाई की बातचीत नहीं, बल्कि वह बैठक थी जिसमें दुनिया की टॉप टेक कंपनियां AI के भविष्य पर चर्चा के लिए जुटी थीं। व्हाइट हाउस की इस बैठक में AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इसके संभावित जोखिमों पर गहरी चर्चा हुई।बैठक के बाद सभी बड़ी टेक कंपनियों ने AI के सुरक्षित विकास को लेकर एक स्वैच्छिक समझौते पर सहमति जताई है। इसके तहत अब यह कंपनियां अपने AI सिस्टम पर ज्यादा निगरानी रखेंगी, संभावित खतरों का आकलन करेंगी और बाहरी एक्सपर्ट्स से भी इवैलुएशन कराएंगी।
अब कहलाएगा 'Super Intelligence' (SI)
इस बैठक के दौरान एक और बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया। ट्रंप प्रशासन ने 'Artificial Intelligence' (AI) के लिए अब 'Super Intelligence' या 'SI' शब्द का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। 29 सितंबर को व्हाइट हाउस ने एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर भी जारी किया। इसमें अमेरिकी एग्जिक्यूटिव ब्रांच के सभी विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने आधिकारिक संचार, रिपोर्ट्स और पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स में AI की जगह 'Super Intelligence' या 'SI' शब्द का ही प्रयोग करें। हालांकि, यह नियम सिर्फ अमेरिकी सरकार के आधिकारिक कामकाज तक सीमित रहेगा, लेकिन टेक जगत में यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।