ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने किया था तेल टैंकर पर हमला, तीन भारतीय नाविकों की मौत; 3 दिनों में तीसरे हमले पर भारत ने दर्ज कराया विरोध
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने जब इस सेटेबेलो जहाज पर हमला किया, तब इस पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 24 भारतीय और चार विदेशी नागरिक (दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी) शामिल हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ओमान की खाड़ी में 'सेटेबेलो' (Settebello) नाम के जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई है। शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि ओमान के तट पर इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जिनके पहले लापता होने की खबर थी। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने जब इस सेटेबेलो जहाज पर हमला किया, तब इस पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 24 भारतीय और चार विदेशी नागरिक (दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी) शामिल हैं।
इस हमले को लेकर अमेरिकी सेना ने कहा कि तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो ओमान तट के पास होर्मुज जलमार्ग के बाहर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहा था। इसके चलते ही उसे निशाना बनाया गया।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण
अमेरिका सेना द्वारा किए गए इस हमले के बाद भारत ने अमेरिकी राजनयिक के सामने विरोध दर्ज कराया है। भारत की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हमले में जिन भारतीय नागरिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है उनमें हिमाचल प्रदेश के आदित्य शर्मा(23) हैं और दूसरे शिवानंद चौरसिया हैं। वहीं तीसरे का नाम पटनाला सुरेश है।
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यह दावा भी किया जा रहा है कि अेमरिकी सेना को इस बात की पूरी जानकारी थी कि शिप पर भारतीय चालक दल सवार हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार 24 में से 21 लोगों को बचा लिया गया है। मारे गए भारतीय नागरिकों में एक चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान
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ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “हमें आज सुबह ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।”
अमेरिका की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास नहीं है कि अमेरिका को जहाज पर सवार लोगों की राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी नहीं थी। यह बिल्कुल संभव नहीं है। मुझे पूरा यकीन है कि अमेरिकी नौसेना को पता था कि उन जहाजों पर कितने भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक सवार थे। अगर जहाजों ने निर्देशों का पालन नहीं किया होता, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता था।”